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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइएस आतंकियों की शारीरिक भूख को मिटाने के लिए चीन में सेक्स जिहाद

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Updated: Thu, 14 Aug 2014 11:17 AM (IST)

चीन के तनावग्रस्त प्रांत शिनजियांग में सेक्स जिहाद की खबरों से प्रशासन में हड़कंप है। ऐसी खबरें आई हैं कि इराक और सीरिया में लड़ रहे इस्लामिक स्टेट (आइए ...और पढ़ें

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बीजिंग। चीन के तनावग्रस्त प्रांत शिनजियांग में सेक्स जिहाद की खबरों से प्रशासन में हड़कंप है। ऐसी खबरें आई हैं कि इराक और सीरिया में लड़ रहे इस्लामिक स्टेट (आइएस) आतंकियों की शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रांत के उइगर मुस्लिम समुदाय की लड़कियों को फोन करके पूछा जा रहा है। इन चौंकाने वाले दावों की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।

सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने इंटरनेट पर पोस्ट की जा रही जानकारियों का हवाला देते हुए रिपोर्ट छापी है कि प्रांत की कई उइगर लड़कियों को ऐसे फोन आए हैं। चीन में ट्विटर के समकक्ष सीना वीबो पर पोस्ट किया गया है कि शिनजियांग के बाहर पढ़ रही लड़कियों को ऐसे फोन आ रहे हैं। उनसे कहा गया है कि पढ़ाई छोड़कर इन इस्लामी आतंकियों की सेवा करें। यह पोस्ट तेजी से लोकप्रिय हो गई और इसे करीब 2,000 बार रीपोस्ट किया गया। सोमवार को वीबो से इस पोस्ट को डिलीट किया गया।

अखबार ने मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्ति झेंग के हवाले से बताया कि उसे कई लड़कियों ने ऐसे फोन कॉल के बारे में बताया है। फोन करने वाले ने लड़कियों से कहा कि वे इंडोनेशिया के रास्ते सीरिया चली जाएं। वहां वे खुद को आतंकियों को समर्पित कर दें। मगर किसी लड़की ने अभी तक इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हम इन कॉल्स को हल्के में नहीं ले रहे हैं। फिलहाल हम पता लगा रहे हैं कि छात्राओं के नंबर कैसे उन लोगों तक पहुंचे। पुलिस के साथ आतंकवाद विरोधी दस्ता भी इन दावों की जांच में जुट गया है। शिनजियांग में हान समुदाय को बसाने से मूल निवासी उइगर खफा हैं।

देश के कई इलाकों में आतंकी हमले भी हुए हैं। सरकार इनकी जिम्मेदारी ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआइएम) पर डालती है। ऐसे बताया जा रहा है कि आइएस का साथ ईटीआइएम के लड़ाके भी दे रहे हैं। इसलिए हो सकता है उन्होंने वहां से इन लड़कियों को सेक्स जिहाद के लिए फोन कराया हो। ईटीआइएम अभी तक अलग-थलग है। इसके जरिये वह ग्लोबल आतंकी समूहों से मदद हासिल कर सकता है।

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