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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेरा प्रशासन बाइ अमेरिकन और हायर अमेरिकन्स का पालन करेगा : ट्रंप

By Lalit RaiEdited By:
Updated: Thu, 15 Dec 2016 05:38 AM (IST)

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप के एक नारे से विदेशी खासतौर से भारत की आईटी कंपनियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

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वॉशिंगटन(पीटीआई)। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया बयान भारत समेत कई देशों के लिए मुश्किल पैदा करना वाला है। ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार 'बाइ अमेरिकंस ऐंड हायर अमेरिकंस' के सिद्धांत पर चलेगी। ट्रंप ने बुधवार को विस्कॉनसन में थैंक यू टूर में कहा, 'मेरा प्रशासन दो साधारण नियमों का पालन करेगा। 'बाइ अमेरिकंस ऐंड हायर अमेरिकंस'। हम ऐसा करने जा रहे हैं। अभी से अमेरिका पहले होने जा रहा है।'

भारतीय कंपनियों के सामने मुश्किल

ट्रंप के इस बयान से भारतीय कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भारत की आईटी कंपनियों का अमेरिका में बड़ा कारोबार है। ट्रंप का यह बयान पहले से ही मुसीबत झेल रही आईटी कंपनियों के लिए नई मुश्किल खड़ी कर सकती है। ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से ही कंपनियां अमेरिकी लोगों की ज्यादा भर्तियां करनी शुरू भी कर चुकी हैं।

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ट्रंप ने पिछले नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कई देशों के साथ किए गए समझौते में देश हित को महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जब वो कुछ समझौतों को देखते हैं तो पाते हैं कि ये समझौते दूसरे देशों के लिए किए गए थे। ये समझौते इतने बुरे और अपमानजनक हैं जैसे ऐसा लगता है कि जैसे इसे दूसरे देशों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।'

अमेरिका के सामने चुनौती

उन्होंने पूछा, 'व्यापार के मोर्चे पर हमारा देश 800 अरब डॉलर के सालाना घाटे से गुजर रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि किसने ये डील किए। अब हमें इसपर सोचना होगा।' ट्रंप ने कहा कि नाफ्टा के बाद से अमेरिका निर्माण क्षेत्र में एक तिहाई नौकरियां गंवा चुका है।

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