विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ देने पर हट सकते हैं रूस से प्रतिबंध : ट्रंप

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Sat, 14 Jan 2017 01:35 PM (IST)

ट्रंप ने कहा हे कि यदि रूस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और अन्य लक्ष्यों को हासिल करने में अमेरिका की मदद करता है तो वह पूर्व में लगाए गए प्रतिबंधों को हटा सकते हैं।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ देने पर हट सकते हैं रूस से प्रतिबंध : ट्रंप
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ देने पर हट सकते हैं रूस से प्रतिबंध : ट्रंप

वाशिंगटन (एएफपी)। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एवं अमेरिका में रूस के राजदूत हालिया कुछ सप्ताहों से लगातार संपर्क में हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि वह उस दिन भी संपर्क में थे जब ओबामा प्रशासन ने चुनाव संबंधी हैकिंग के जवाब में मॉस्को पर प्रतिबंध लगाए थे। गौरतलब है कि ट्रंप ने ‘द वाल स्ट्रीट जनरल’ में शुक्रवार शाम छपे एक साक्षात्कार में कहा था कि यदि रूस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और अन्य लक्ष्यों को हासिल करने में अमेरिका की मदद करता है तो वह ओबामा द्वारा लगाए प्रतिबंधों को हटा सकते हैं।

वादों का आधार बनना शुरू

ट्रंप के एक अधिकारी ने शुरूआत में इस बात को नकारा कि माइकल फ्लिन एवं राजदूत सर्गेई किस्लयाक ने 29 दिसंबर को बात की थी लेकिन बाद में उन्होंने शुक्रवार देर रात बताया कि सत्ता हस्तांतरण दल को उस दिन किए गए एक फोन की जानकारी है जब राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रतिबंध लगाए थे। इसके अलावा फ्लिन का रूसी राजदूत से संपर्क करना इस ओर इशारा करता है कि आगामी प्रशासन ने मॉस्को के साथ निकट संबंधों के अपने वादे के लिए आधार बनाना शुरू कर दिया है।

पाकिस्तान समेत कई देशों ने बढ़ाया संभावित परमाणु युद्ध का खतरा: बिडेन

ट्रंप प्रशासन की क्या है मंशा

कार्यालय संभालने से पहले किसी आगामी प्रशासन का विदेशी सरकारों से बात करना असामान्य बात है। ओबामा के प्रतिबंध लगाने के बाद बार-बार संपर्क करने से ये सवाल खड़े होते हैं कि क्या ट्रंप टीम ने रूस की प्रतिक्रिया पर चर्चा की या उसे आकार देने में मदद की? रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के कदम के खिलाफ अप्रत्याशित रूप से कोई जवाब नहीं दिया था और इस निर्णय की ट्रंप ने तत्काल प्रशंसा की थी।

सभी अंतरराष्ट्रीय खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें