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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत के साथ रक्षा संधि नहीं करेगा बल्कि रक्षा पार्टनर बनकर रहेगा अमेरिका

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Fri, 14 Oct 2016 02:35 AM (IST)

अमेरिका ने भारत को प्रमुख रक्षा साझेदार बताते हुए कहा कि इक्कीसवीं सदी गठबंधन का युग नहीं है।

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वाशिंगटन, प्रेट्र : अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा संधि की संभावना को खारिज कर दिया है। उसने भारत को प्रमुख रक्षा साझेदार बताते हुए कहा कि इक्कीसवीं सदी गठबंधन का युग नहीं है। यह साझा हित, मूल्यों को पहचानने और मिलकर समस्याओं का हल करने का युग है। ह्वाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में दक्षिण एशिया के वरिष्ठ निदेशक पीटर लेवोय ने शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटीजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों में से किसी ने इसके लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई है। आखिर संबंधों में बंधन क्यों रखा जाए। हमने सहयोग की सीमाएं बढ़ाई है। हम साथ मिलकर काफी चीजें कर रहे हैं। इस रिश्ते के लिए कोई खास शब्द नहीं है। मैं समझता हूं कि भारत को प्रमुख रक्षा साझेदार बताना इस रिश्ते का सटीक विवरण है।

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लेवोय ने कहा कि भारत के साथ रक्षा साझेदारी के लिए अमेरिका ने अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए है। प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण पहले की तुलना में ज्यादा आसानी से और तत्परता से किया जा रहा है। भारत किसी भी चीज का आग्रह करे अमेरिका उसके लिए राजी और तैयार रहता है।

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