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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वेनेजुएला में नोटबंदी के बाद हिंसा, सरकार ने 1 हफ्ते में वापस लिया फैसला

    By Rahul SharmaEdited By:
    Updated: Sun, 18 Dec 2016 03:46 PM (GMT+05:30)

    फैसला टालने की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय गड़बड़ी का शिकार है। गड़बड़ी ने 500-बोलिवर के नोट को समय पर आने से रोक ...और पढ़ें

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    काराकस, आइएएनएस । वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने 100-बोलिवर बैंक नोट को वापस लेने का फैसला टाल दिया है। नोटबंदी से जूझ रहे लोगों ने कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किए हैं। छह शहरों में झड़प होने की जानकारी मिली है। नकदी संकट उत्पन्न होने कई दुकानें बंद हैं और पुराने नोट बदलने या सौंपने के लिए लोग कई दिनों से कतार में लग रहे हैं।

    लोगों को क्रेडिट कार्ड या बैंक ट्रांसफर का इस्तेमाल करने पर बाध्य होना पड़ रहा है। कई लोगों के सामने भोजन तक के लाले पड़ रहे हैं।आर्थिक संकट का सामना कर रहे दक्षिण अमेरिकी देश ने विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए नोटबंदी टालने का फैसला लिया।

    फैसला टालने की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय गड़बड़ी का शिकार है। गड़बड़ी ने 500-बोलिवर के नोट को समय पर आने से रोक दिया है। उन्होंने कहा कि तस्करी रोकने के लिए 100-बोलिवर नोट को बंद करने का फैसला लिया गया था।

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    महंगाई को काबू करने के लिए उठाया गया था फैसला

    वेनेजुएला सरकार ने यह कदम सीमापार कोलंबिया में माफिया द्वारा राष्ट्रीय करेंसी बोलिवर की होर्डिंग और देश में लगातार बढ़ती महंगाई को काबू करने के लिए उठाया था। एक हफ्ते तक नोटबंदी के चलते बड़ी संख्या में लोग बैंकों के बाहर लाइन में खड़े रहे। सरकार के मुताबिक नई करेंसी से भरे तीन हवाई जहाज वेनेजुएला नहीं पहुंच सके जिससे देश में नोटबंदी की स्थिति बेकाबू हो गई। नोटबंदी के पहले हफ्ते में बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गई, सैकड़ों दुकानों को लूट लिया गया और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन होने लगे।

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    वेनेजुएला की करेंसी बेहद कमजोर

    मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में वेनेजुएला की करेंसी बेहद कमजोर थी। देश की सबसे बड़ी 100 बोलिवर करेंसी डॉलर के मुकाबले महज 2 से 3 सेंट पर थी। राष्ट्रपति निकोलस मदूरो के विरोधियों का कहना है कि 18 साल से सोशलिस्ट नीतियों से देश की अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई है। वेनेजुएला में 2018 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं, लेकिन इससे पहले ही विपक्ष कोशिश कर रहा है कि देश में रेफेरेंडम कराकर मदूरो को सत्ता से बाहर कर दिया जाए।

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