यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दुनिया के छह सौ शहरों में महिलाओं ने किया डोनाल्ड ट्रंप का विरोध
शनिवार को दुनिया के छह सौ शहरों में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। अकेले अमेरिका में ऐसे 150 मार्च निकाले गए।

वाशिंगटन, रायटर/प्रेट्र। डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभाल लिया, लेकिन उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला थम नहीं रहा। शनिवार को दुनिया के छह सौ शहरों में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। अकेले अमेरिका में ऐसे 150 मार्च निकाले गए। इसके अलावा भारत, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, स्पेन, नॉर्वे, फिलीपींस सहित कई देशों में प्रदर्शन हुए।
महिलाओं के इस प्रदर्शन को 'सिस्टर्स मार्च' नाम दिया गया था। सबसे बड़ा मार्च अमेरिकी राजधानी वाशिंगटन में हुआ। इसमें हॉलीवुड की कई नामचीन अभिनेत्रियों के साथ करीब पांच लाख महिलाओं ने भाग लिया। चुनाव में ट्रंप के जीत हासिल करने के बाद अभिनेत्री अमेरिका फेरेरा ने इस मार्च का आह्वान किया था। सोशल मीडिया के जरिए उनकी यह अपील पूरी दुनिया में फैल गई।
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बीबीसी के अनुसार इस विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के हाथों पराजित होने वाली हिलेरी क्लिंटन का भी समर्थन हासिल था। फेरेरा ने कहा,'चुनाव के बाद कई लोगों को इस बात का डर है कि उनकी आवाज नहीं सुनी जाएगी। महिल कलाकार के तौर पर ही नहीं प्रतिबद्ध अमेरिकी नागरिक के तरह भी यह गंभीर मसला है। हमें अपने समुदाय की सुरक्षा, गरिमा और अधिकार के लिए एकजुट होना होगा।'
ट्रंप की प्रवासी, मुस्लिम, महिला और अश्वेत विरोधी नीतियों के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन में शामिल ज्यादातर महिलाओं ने गुलाबी रंग के कपड़े या टोपी पहन रखे थे। गौरतलब है कि ट्रंप के शपथ लेने से पहले भी दुनियाभर में प्रदर्शन हुए थे। वाशिंगटन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली थी।

