यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इस्लामिक कट्टरवाद से अमेरिकियों को सबसे बड़ा खतरा: डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से इस्लामिक कट्टरता को अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा है कि हिलेरी में यह कहने की हिम्मत नहीं है।

वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में उतरे रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीद्वार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि वह इस चुनाव में जीत हासिल करने में सफल रहे तो इस्लामिक स्टेट को जड़ से उखाड़ना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। नॉर्थ कैरोलिना की एक चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विदेशों में सत्ता परिवर्तन की नीति को खत्म कर उनका सारा ध्यान आईएस केे खात्मे पर होगा।
ट्रंप ने इस्लामिक कट्टरता पर एक बार फिर से कठाेर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस्लामिक कट्टरता अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा है जिसको पहचानना बेहद जरूरी है। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीद्वार और अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह इस बारे में कभी बात नहीं करती हैं। चुनावी रैली में ट्रंप ने कहा कि उनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने वाली क्लिंटन इस्लामिक कट्टर आतंकवाद पर कुछ नहीं कहती हैं। इसके उलट वह हमें समर्थन देने वाले जिसमें फौजी शामिल हैं, उन्हें अपनी ओर लाने का प्रयास करती दिखाई देती हैं। जबकि इस आतंकवाद के चलते हजारों की संख्या में महिलाएं और अन्य मारे जा चुके हैं। कई देशों में मौत की सजा का भी प्रावधान नहीं है।
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उन्होंने अमेरिकियों को हार्डवर्कर बताते हुए उनकी तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अपने देेश से प्यार करते हैं। वह कभी भी हिलेेरी को अपना राष्ट्रपति नहीं बनने देंगे। उन्होंने साफतौर पर कहा कि जो व्यक्ति अपने देश के दुश्मनों का नाम नहीं ले सकता है वह इस देश का राष्ट्रपति बनने के काबिल कभी नहीं हाेे सकता है। उन्होंनेे इस रैली के दौरान यहां तक कहा कि उनके कार्यकाल में कोई सही काम नहीं हुआ है बल्कि उनके कार्यकाल में आईएस को बढ़ावा ही मिला है। इस दौरान उन्होंने बिल क्लिंटन को भी जमकर कोसा।
उन्होंंने कहा कि वह अपने साथियों के साथ आईएस के खात्मे के लिए मिलिट्री कैंपेन चलाएंगे, जिससे जल्द से जल्द आईएस को खत्म किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह न केवल मिलिट्री वारफेयर के लिए जरूरी है बल्कि फाइनेंशियल वारफेयर के लिए भी यह बेहद जरूरी है। इसके साथ ही यह साइबर वारफेयर और वैचारिक युद्ध में भी लाभदायक साबित होगा।

