यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सिंधु समझौते पर भारत-पाकिस्तान पहुंचे विश्व बैंक
विश्व बैंक ने बुधवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान ने सिंधु जल समझौते को लेकर उससे संपर्क किया है।

वाशिंगटन, प्रेट्र। सिंधु जल समझौते पर मध्यस्थता करने वाले विश्व बैंक ने बुधवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान ने इस समझौते को लेकर उससे संपर्क किया है। विश्व बैंक के अनुसार समझौते में अपनी सीमित और प्रक्रियात्मक भूमिका के अनुसार ही वह कोई निर्णय लेगा।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को नई दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु जल समझौते के प्रावधानों की समीक्षा के लिए एक बैठक की थी। बैठक में तय किया गया था कि समझौते के तरह भारत अपने हिस्से का पानी का भरपूर इस्तेमाल करेगा।
सिंधु जल संधि पर बौखलाया पाकिस्तान
सिंधु नदी समझौते के टूटने की आशंका के बीच पाकिस्तान ने इस संधि के मध्यस्थ विश्व बैंक से मदद मांगी है। साथ ही उसने औपचारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण (पंचाट) में भी दस्तक दी है। पाकिस्तानी समाचार चैनल जियो न्यूज के अनुसार मंगलवार को पाकिस्तानी अटर्नी जनरल अशतर आसिफ अली के नेतृत्व में पाकिस्तानी अफसरों ने मंगलवार को वाशिंगटन डीसी स्थित विश्व बैंक के मुख्यालय में विश्व बैंक के अफसरों से मुलाकात की। उन्होंने विश्व बैंक को सिंधु जल समझौते, 1960 के अनुच्छेद 9 का हवाला देकर मदद मांगी। पाक अफसरों ने विश्व बैंक से मामले के निपटारे के लिए जल्द जजों की नियुक्ति करने की अपील की है।
अगर भारत ने सिंधु जल समझौता तोड़ा तो उसे युद्ध माना जाएगा: पाकिस्तान
सिंधु जल समझौता तोड़ना युद्ध माना जाएगा : सरताज अजीज
चेनाब और नीलम नदी पर भारत के प्रोजेक्ट्स पर रोक की मांग पाकिस्तान के अधिकारियों ने विश्व बैंक से मांग की है कि वो नीलम और चेनाब नदी पर भारत के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स पर रोक लगाए। पाक का कहना है कि भारत नियमों की अनदेखी कर इन नदियों पर हाइड्रो पावर के लिए काम कर रहा है।

