विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ओलंपिक खेलों के इतिहास में कुश्ती में अबतक भारत को मिले पांच पदक

By Mohit TanwarEdited By:
Updated: Thu, 18 Aug 2016 01:20 PM (IST)

यह ओलंपिक खेलों में भारत का महिला कुश्ती में पहला तथा कुल मिलाकर पांचवां पदक है।

News Article Hero Image

रियो डि जेनेरियो। भारत का कुश्ती में गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन कुश्ती में ओलंपिक खेलों में पदक हासिल करने के लिए उसे काफी संघर्ष करना पड़ा है। 23 वर्षीय साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक में फ्रीस्टाइल के 58 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक हासिल कर इस ओलंपिक में भारत को पहला पदक दिलाया। यह ओलंपिक खेलों में भारत का महिला कुश्ती में पहला तथा कुल मिलाकर पांचवां पदक है।

भारत को कुश्ती में ओलंपिक खेलों में पहला पदक खशाबा जाधव ने दिलाया था, जब उन्होंने 1952 में हेलसिंकी में कांस्य पदक हासिल किया था। इसके बाद भारत को अगले पदक के लिए 56 सालों तक इंतजार करना पड़ा। भारत के इस इंतजार को सुशील कुमार ने खत्म किया था जब उन्होंने 2008 में बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक प्राप्त किया। 2012 में भारत ने कुश्ती में जबर्दस्त प्रदर्शन कर दो पदक हासिल किए। सुशील कुमार ने इस बार अपने पदक के रंग को बदला और वे रजत पदक जीतने में सफल हुए। योगेश्वर दत्त ने भी कांस्य पदक हासिल कर भारत का गौरव बढ़ाया था।

रियो में साक्षी मलिक ने पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वे ओलंपिक में कुश्ती में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई। विनेश फोगाट के भी पदक जीतने के अच्छे अवसर माने जा रहे थे, लेकिन वे क्वार्टर फाइनल में चोटिल होकर ओलंपिक से बाहर हो गई।

ओलंपिक में कुश्ती में भारत के पदक विजेता

1952 : खशाबा जाधव - कांस्य पदक
2008 : सुशील कुमार - कांस्य पदक
2012 : सुशील कुमार - रजत पदक
2012 : योगेश्वर दत्त - कांस्य पदक
2016 : साक्षी मलिक - कांस्य पदक

रियो की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

खेल की खबरों के लिए यहां क्लिक करें