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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तान में हिंदुओं की आस्था का असम्‍मान, जूते -चप्‍पलाें पर ऊं निशान

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Mon, 11 Apr 2016 12:05 PM (IST)

पाकिस्‍तान में एक मशहूर कंपनी अपने फुटवियर पर हिंदुओं का ध‍ार्मिक प्रतीक लगाकर उनकी अास्‍था काे अपमानित कर रही है। करांची में स्थित कंपनी के स्‍टोर में ऐसे जूत-चप्‍पल बेचे जा रहे हैं जिन पर 'ऊं' निशान वाले टैग लगाए गए हैं।

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फोटो नंबर-9जाल-15
-पाकिस्तान में धड़ल्ले से बिक रहे हैं हिंदू धार्मिक चिन्ह लगे जूते
-कराची में पाकिस्तानी हिंदुओं ने शोरूम के विरुद्ध किया प्रदर्शन
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जागरण संवाददाता, अमृतसर। चाहे मामला हिंदुओं की आस्था का हो या उनके सम्मान का, पाकिस्तान उसे रौंदने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देता। बीते तीन माह में 47 से ज्यादा हिंदू कन्याओं को बे-आबरू कर उनका धर्म-परिवर्तन कराने का आंकड़ा पार करने वाले पाकिस्तान में अब सार्वजनिक तौर पर हिंदुओं के प्रमुख धार्मिक प्रतीक चिन्ह पर हमला किया जा रहा है। कराची में 'ओम' लिखे टैग वाले जूते धड़ल्ले से बिक रहे हैं।

इतिहासकार व शोधकर्ता सुरेंद्र कोछड़ ने बताया कि कराची के प्रसिद्ध पार्क टावर शॉपिंग मॉल के 'फस्ट स्टेप शू स्टोर' में ऐसे फुटवियर की बिक्री हो रही है, जिन पर लाल तथा काले रंग के 'ऊं' लिखे टैग लगे हुए हैं। इस मॉल की पाकिस्तान में इस समय 14 शाखाएं हैं।

कोछड़ ने बताया कि ऑल पाकिस्तान हिंदू पंचायत (एपीएचपी) के सदस्यों ने जब शोरूम के मालिक को ऐसे जूतों की बिक्री बंद करने का आग्रह किया तो उसने धमकाते हुए उन्हें शोरूम से बाहर कर दिया। इस पर एपीएचपी के सदस्यों ने पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मंत्री ज्ञान चंद इसरानी से मिलकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

कोछड़ ने बताया कि इसके बावजूद शोरूम के मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार को एपीएचपी ने कराची में उक्त मामले को लेकर प्रदर्शन किया और पाकिस्तानी हिंदुओं व मुसलमानों से अपील की कि वे उक्त शोरूम की किसी भी शाखा से कोई खरीदारी न करें।

कोछड़ के अनुसार, कराची में बिकने वाले 'ऊं' लिखे टैग वाले जूते चीन के बने हुए हैं और इससे पहले चीन द्वारा सिख धार्मिक के चिन्ह वाले जूते-चप्पल पाकिस्तानी मार्केट में उतारे गए थे। मामला सार्वजनिक होने और सोशल मीडिया पर भारी विरोध के चलते ऐसे जूतों की बिक्री तुरंत रोक दी गई।