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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दीनानगर, पठानकोट हमलों का बदला लेने के लिए की थी कुरान की बेअदबी

By Test1 Test1Edited By:
Updated: Tue, 28 Jun 2016 07:36 PM (IST)

कुरान शरीफ की बेअदबी मामलेे में आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वालें खुलासे किए। आरोपी ऐसा करके लोगों की भावना भड़काकर दंगे करवाना चाहते थे।

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जागरण संवाददाता, संगरूर। जिले के मालेरकोटला में 24 जून की रात कुरान शरीफ की बेअदबी करने के मामले में तीन आरोपियों को सोमवार रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन्हें पटियाला नहर के साथ लगते घलौड़ी गेट श्मशानघाट के पास काबू किया गया। तीनों दिल्ली भागने की फिराक में थे। आरोपियों ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है कि उन्होंने दीनानगर और पठानकोट पर हुए आतंकी हमलों का बदला लेने के लिए कुरान शरीफ की बेअदबी की थी। वे पंजाब में दंगे भड़काना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने मुस्लिम बहुल आबादी वाले क्षेत्र को टारगेट बनाया। आरोपी पहले उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी ऐसी ही घटना को अंजाम दे चुके थे।

घटना को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी 46 वर्षीय विजय कुमार हरियाणा के भिवानी का रहने वाला है। उसके पिता नाम तिलकराम है। विजय का हालिया पता पालम दिल्ली का है। उसके साथी 52 वर्षीय नंद किशोर गोल्डी व उसके बेटे 25 वर्षीय गौरव हंै। दोनों पिता-पुत्र विश्व ङ्क्षहदू परिषद व बजरंग दल के सक्रिय सदस्य हैं और पठानकोट के बेगोवाल (तारागढ़) के रहने वाले हैं। विजय कुमार भी काफी समय पठानकोट में रहा था। यहीं वह नंद किशोर व उसके बेटे गौरव के संपर्क में आया। नंद किशोर विश्व ङ्क्षहदू परिषद के मंत्री विभाग तो बेटा गौरव बजरंग दल के प्रखंड तारागढ़ में सक्रिय वर्कर है। इन पर कई मामले दर्ज हैं।

क्या-क्या मिला

आरोपियों से पुलिस ने कुरान शरीफ की जिल्द (कवर) को आग लगाने वाला लाइटर, वारदात में इस्तेमाल मङ्क्षहद्रा थार गाड़ी, तीन सर्जिकल ग्लब्स, 50 ग्राम सोने का सिक्का, एक सोने की चेन व एक वाइट गोल्ड की माला बरामद की है। इनके मोबाइल भी बरामद हुए हैं, जिनकी कॉल डिटेल्स खंगाली जाएंगी।

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घटना से पहले की थी रेकी

आरोपियों ने कुरान शरीफ के पन्ने फाड़कर फेंकने से पहले क्षेत्र की रेकी की थी। बाद में रात में घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने अपनी कार महेंद्र थार (एचआर 99 वाईए-टी 9158) को करीब 24 जून को शाम साढ़े 7 बजे सलीम पार्किंग स्टैंड में खड़ा कर दिया। उसके बाद वे बाबा बोदले शाह की दरगाह पर रेकी करने निकल गए। इसके एक घंटे बाद आरोपियों ने गाड़ी वहां से उठाई और घटना को अंजाम दिया। आरोपियों के पास पवित्र कुरान शरीफ पहले से ही मौजूद थी।

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यह है मामला

24 जून की रात बाबा बोदले शाह की दरगाह के बाहर कुरान शरीफ के फटे व जले हुए पन्ने मिलने से ङ्क्षहसा भड़क गई थी। ङ्क्षहसा के दौरान भीड़ ने पूर्व डीजीपी इजहार आलम के घर पर हमला कर दिया था। उनके घर के बाहर गार्ड रूम को भी निशाना बनाया गया। इस दौरान कई पुलिस वाले जख्मी हो गए। कई गाडिय़ों को आग के हवाले कर दिया गया था। पुलिस ने सैकड़ों लोगों पर केस दर्ज किया था।
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