विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नशे के कारण पंजाबियों में कम हो रही प्रजजन क्षमता, 15 फीसद जोड़े बेऔलाद

By Kamlesh BhattEdited By:
Updated: Thu, 09 Jun 2016 07:12 PM (IST)

पंजाब में नशे व मानसिक तनाव के कारण लोगों की प्रजजन क्षमता गिर रही है। राज्य में 15 फीसद जोड़े एेसे हैं, जिनकी अपनी कोई औलाद नहीं है।

News Article Hero Image

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्वभर में 80 मिलियन विवाहित जोड़े बांझपन का शिकार हैं। पंजाब में भी 15 फीसद जोड़े अकेले पंजाब के हैं। टीबी, स्ट्रेस व मोटापे के अलावा ड्रग्स इसका एक बड़ा कारण है।

गर्भधारण न करने के कारण कई परिवारों को मानसिक व सामाजिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया से आइवीएफ पार्टनर की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. टिकी ओसिनलीस ने यह जानकारी शहर में एक कार्यक्रम के दौरान कही।

शहर के आइवीएफ स्पेशलिस्ट्स के बीच मरीजों के अधिकारों पर चिंता जताते हुए डॉ. टिकी ने कहा कि आइवीएफ की सारी प्रक्रिया के दौरान क्वालिटी पर ध्यान देना ही इसकी सफलता तय करता है। यहां अधिकतम क्लीनिक्स में ऐसा नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि हर मरीज अलग है। आइवीएफ में क्वालिटी पर ध्यान रखते हुए यह भी ध्यान में रहना चाहिए कि हर मरीज का शरीर और उसके जीन अलग हैं। इसलिए उन्हें व्यक्तिगत आधार पर ही ट्रीटमेंट मिलना चाहिए। औरत की उम्र के लिहाज से उस पर आइवीएफ करना चाहिए। उसके जीन की जांच की जानी चाहिए।