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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम अमरिंदर का एलान, पंजाब में बेघरों को जल्द मिलेंगे मुफ्त घर

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Wed, 19 Apr 2017 10:43 AM (IST)

पंजाब में बेघर परिवारों को जल्‍द ही मुफ्त मकान मिलेंगे। मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के निर्देश पर इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सीएम अमरिंदर का एलान, पंजाब में बेघरों को जल्द मिलेंगे मुफ्त घर
सीएम अमरिंदर का एलान, पंजाब में बेघरों को जल्द मिलेंगे मुफ्त घर

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब में जल्‍द ही बेघरों को मुफ्त मकान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अादेश पर कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र में किए वादे के अनुसार बेघर गरीबों को मुफ्त घर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने अवैध कॉलोनियों को नियमित करने और वहां बसे लोगों के नाम मालिकाना अधिकार तबदील करने के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में कमेटी गठित करने काे कहा है।

आवास व शहरी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी शहरों का मास्टर प्लान तैयार करने का काम चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा करने के लिए शहरी योजनाबंदी विभाग को निर्देश दिए हैं। कैप्टन ने मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत निशुल्क घरों के लिए लाभपात्रियों की पहचान व पड़ताल करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

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कैप्‍टन सरकार ने भविष्य में सभी अलॉटमेंट में अनुसूचित जाति को 30 फीसद आरक्षण के वादे को भी लागू करने का फैसला भी किया है। इसके अलावा एमआइजी घरों को खरीदने, उनके नवीनीकरण के लिए परिवारों को सब्सिडी वाले ऋण मुहैया कराने का निर्णय भी किया गया है। एलआइजी आवासों के लिए जरूरत आधारित नई नीति लाने पर भी सहमति दी गई। कैप्टन सिंह ने विभाग को विभिन्न रियल एस्टेट अथॉरिटीज के  विलय के लिए विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

सरल होगा रियल एस्टेट के कारोबार

बैठक के दौरान प्रमोटर्स को नो ड्यू सर्टिफिकेट के आधार पर प्रोजेक्टों की अलॉटमेंट सहित और भी कई कदम उठाने का फैसला किया गया। इससे रियल एस्टेट के कारोबार को सरल बनाया जा सकेगा। एनडीसी अब तीन महीनों के लिए मान्य होगा। विभाग अब विशेष सेवा मुहैया कराने तारीख की बजाय आवेदन की तिथि से गणना करेगा।  मुख्यमंत्री ने 31 मार्च, 2018 तक गमाडा की ओर से लगाई गई तबादला फीस 2.5 फीसद से घटाकर 2 फीसद करने को भी मंजूरी दी है।

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योजनाबंदी के लिए आउटसोर्सिंग पर विचार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में मास्टर प्लान का कार्य यकीनी बनाने को कहा है। इसके लिए यदि जरूरत हुई, तो आवश्यक योजनाबंदी का काम आउट सोर्सिंग से भी कराया जा सकता है। बीते कई साल से मंदी का सामना कर रहे रियल एस्टेट क्षेत्र के विकास के लिए उचित वातावरण बनाने के लिए यह फैसले लिए गए हैं।