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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब में शराब ठेके खोलने की इजाजत, सरकार को हो रहा था करोड़ों के राजस्व का नुकसान

By Kamlesh BhattEdited By:
Updated: Fri, 01 May 2020 09:24 PM (IST)

केंद्र सरकार ने पंजाब में शराब ठेके खोलने की अनुमति दे दी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्र से लगातार शराब ठेके खोलने की इजाजत देने की मांग कर रहे थे।

पंजाब में शराब ठेके खोलने की इजाजत, सरकार को हो रहा था करोड़ों के राजस्व का नुकसान
पंजाब में शराब ठेके खोलने की इजाजत, सरकार को हो रहा था करोड़ों के राजस्व का नुकसान

जेएनएन, चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने पंजाब को राज्य में शराब ठेके खोलने की अनुमति दे दी है। साथ ही केंद्र सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि इस दौरान शराब की दुकानें खोलने की इजाजत तो रहेगी, लेकिन अहातों पर शराब नहीं पी जा सकेेेेेगी। शराब ठेके खोलने की इजाजत केंद्र ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा की गई मांग पर दी है। यह शराब पीने के शौकीन लोगों के लिए जहां राहत भरी खबर है, वही राज्य सरकार के लिए भी एक सुखद खबर है।

कोरोना के चलते देशभर में पिछले 40 दिनों से चल रहे लॉकडाउन के चलते शराब की सभी दुकानें और अहाते बंद होने के कारण राज्य सरकारों को आबकारी से होने वाली मोटी कमाई से हाथ धोना पड़ रहा था और केंद्र सरकार की ओर से भी किसी भी राज्य को कोई बड़ा पैकेज न देने के कारण मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पिछले हफ्ते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर पंजाब में शराब के ठेके खोलने की अनुमति मांगी थी।

कैप्टन ने इसके पीछे खराब हो रही वित्तीय स्थिति का हवाला भी दिया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को साल भर में 62 सौ करोड रुपये की आमदनी शराब के ठेके नीलाम करने से होती है, जो प्रति महीना 521 करोड रुपये बनता है, लेकिन पिछले 40 दिनों से शराब के ठेके बंद होने के कारण राज्य सरकार को इस बड़ी आमदनी से हाथ धोना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर दूसरी दुकानेंं खोलने की इजाजत दी जा सकती है तो उसने शराब के ठेकों को भी शामिल किया जा सकता है। कैप्टन सिंह की इस मांग पर हालांकि विपक्षी पार्टियों ने उनकी जमकर आलोचना भी की थी, लेकिन मुख्यमंत्री इस बात पर अड़े हुए थे कि राज्यों को इससे एक बड़ी राहत वित्तीय रूप में मिल सकती है। केंद्र सरकार ने आज जो नए निर्देश जारी किए हैं उनमें शराब को भी आवश्यक वस्तुओं में शामिल कर लिया है।

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