यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
SYL पर बादल ने कहा- न नहर बनाएंगे और न पानी देंगे, 16 काे विस का विशेष सत्र
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि कुछ भी हो जाए न तो एसवाइएल बनाएंगे और न ही किसी राज्य को पानी देंगे। इस मुद्दे पर 16 नवंबर को विस ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि सतलुज यमुना लिंक (एसवाएल) मामले पर हम राष्ट्रपति से अपील करेंगे। पंजाब न ताे हरियाण औार किसी एक राज्य को एक बूंद पानी देगा अौर न ही एसवाइएल नहर का निर्माण करेगा। हम अपने हक के लिए लोकतांत्रिक तरीके से हर लड़ाई लड़ेंगे।16 नवंबर को विधानसभा का इस मामले पर विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
8 दिसंबर को मोगा में करेंगे महारैली,चलाएंगे पानी बचाओ-पंजाब बचाओ अभियान
वीरवार शाम मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि हम एसवाइएल मामले में अपने पुराने स्टैंड पर कायम हैं और आगे भी रहेंगे। इस मामले पर अकाली- भाजपा सरकार राज्य की जनता और किसानाें के साथ नाइंसाफी नहीं होने देंगे। बादल ने कहा कि इस मामले पर माेगा में 8 दिसंबर को 'पंजाब बचाओ महारैली' करेंगे। इसके साथ अकाली दल राज्य में 'पानी बचाओ पंजाब बचाआे' अभियान चलाएगा।
उन्होेंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के रेफरेंस पर अपना फैसला दिया है। अब हम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अपील करेंगे और उनके समक्ष पंजाब का पक्ष रखेंगे। हमें पूरी उम्मीद है कि राष्ट्रपति से हमें न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम हिंसा के खिलाफ हैं और इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका पूरा विरोध करेंगे।
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इस माैके पर उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल, भाजपा नेता व मंत्री मदन माेहन मित्तल सहित कई मंत्री मौजूद थे। मदन मोहन मित्तल ने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा पूरी तरह से अकाली दल के साथ है अौर उसके हर अभियान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेगी।
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मुख्यमंत्री बादल और सुखबीर बदल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस विधायकों द्वारा इस्तीफा देने को राजनीतिक स्टंट करार दिया। उन्होंने कहा कि अब जबकि चुनाव होने में कुछ ही समय रह गया है एेसे समय में इस्तीफा देने का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को रवनीत बिट्टू सहित पंजाब से अपने सभी सांसदों का इस्तीफा दिलाना चाहिए। यह इस्तीफा महज नाटकबाजी है।
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बादल ने कहा, 'कुछ भी हो जाए पंजाब का पानी नहीं जाएगा, नहीं जाएगा, नहीं जाएगा।' यह बताए जाने पर कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल कह रहे हैैं कि पंजाब सरकार चुनावी फायदा लेने के लिए एसवाइएल पर राजनीति कर रही है तो बादल ने कहा कि अकाली दल ने पहले भी पंजाब व देश के हितों की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने इमरजेंसी में भी लड़ाई लड़ाई लड़ी।
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जब उनके पंजाब सरकार के अगले कदम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पंजाब के एडवोकेट जनरल व अन्य कानूनी विशेषज्ञों से राय ली जा रही है, लेकिन राजनीतिक तौर पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी। हम पंजाब का पानी बाहर जाने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि वह पंजाब के लोगों को पूरी तरह आश्वस्त करते हैैं कि उनके हितों की रक्षा अकाली-भाजपा ही कर सकती है। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह से पूछा कि वे बताएं कि उन्होंने पंजाब के लिए क्या त्याग किया है?
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बादल ने कहा कि एसवाइएल का प्रस्ताव इंदिरा गांधी के शासनकाल में आया और कैप्टन अमरिंदर सिंह उस समय इंदिरा गांधी के साथ थे, जबकि अकाली दल ने उस समय भी इसका विरोध किया था और मोर्चा लगाया था। उन्होंने कहा कि कैप्टन अब गलत बातें कर लोगों को बरगला रहे हैैं। इस दौरान सुखबीर ने भी कहा कि अकाली दल किसानों व पंजाब के लोगों के हितों की रक्षा के लिए कृतसंकल्पित है। अकाली दल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगा। इसके लिए मोर्चे लगाए जाएंगे।