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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lockdown effect: प्रदूषण का स्तर हुआ कम, अस्पतालों में अस्थमा मरीजों में 30 फीसद गिरावट

By Kamlesh BhattEdited By:
Updated: Tue, 05 May 2020 12:01 PM (IST)

कोरोना वायरस के कारण लगे कर्फ्यू/लॉकडाउन के कारण प्रदूषण स्तर गिरा है। इसके कारण अस्पतालों में आने वाले अस्थमा मरीजों की संख्या कम हुई है।

Lockdown effect: प्रदूषण का स्तर हुआ कम, अस्पतालों में अस्थमा मरीजों में 30 फीसद गिरावट
Lockdown effect: प्रदूषण का स्तर हुआ कम, अस्पतालों में अस्थमा मरीजों में 30 फीसद गिरावट

जालंधर [जगदीश कुमार]। Coronavirus COVID_19 संक्रमण फैलने से रोकने के लिए पंजाब में पिछले डेढ़ माह से जारी कर्फ्यू/लॉकडाउन के चलते ट्रैफिक व इंडस्ट्री बंद होने से हवा में प्रदूषण का स्तर काफी कम हो गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) इन दिनों 50 से 62 तक चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार गेहूं व धान की कटाई के बाद अस्थमा के मरीजों की संख्या में 50 फीसद तक इजाफा हो जाता था, लेकिन इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले स्वच्छ पर्यावरण के चलते मरीजों की संख्या में 30 फीसद तक गिरावट आई है।

एक सर्वें में पूरे देश में 21 फीसद बच्चों को खांसी की समस्या सामने आई है जबकि पंजाब में यह दर 21 फीसद के करीब आंकी गई है। चूंकि इन दिनों कर्फ्यू लगा होने से स्कूल व कॉलेज, फैक्ट्रियां व वाहन बंद हैं और वातावरण साफ है। इस कारण बच्चों में अस्थमा के अटैक के मामलों में कमी दर्ज की गई है। जिला टीबी अधिकारी डॉ. राजीव शर्मा के अनुसार छोटे बच्चों में डर और दबाव का बढ़ता स्तर उन्हें अस्थमा की ओर धकेलता है। दबाव की वजह से हार्मोन गड़बड़ाने से उनके फेफड़े व श्वास तंत्र की नाडिय़ां सिकुड़ जाती हैं, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत आती है।

ये बरतें सावधानियां

  • पालतू जानवर अपने लिविंग रूम या बेडरूम में न लाएं।
  • घर के सभी हिस्से बार-बार वैक्यूम क्लीनर से साफ करें।
  • बिस्तर से सभी सॉफ्ट खिलौने हटा दें। उन्हें हर दो सप्ताह में धोएं।
  • बेड शीट्सस, बेड कवर्स और तकिया के कवर्स को सप्ताह में एक बार गर्म पानी से धोएं।
  • सोफे को एंटी-हाउस-डस्ट माइट केमिकल्स से साफ करें।
  • तेज हवा के दौरान खिड़कियां बंद करके घर में ही रहें।
  • जब हवा सर्द या खुश्क हो तब बाहर व्यायाम करने न जाएं।
  • किशोरावस्था में धूम्रपान से दमे का खतरा अधिक रहता है।

घरेलू उपचार भी आजमाएं

डॉ. दिनेश जग्गी का कहना है कि एक लीटर पानी में दो बड़ा चम्मच मेथी के दाने डालकर आधा घंटे तक उबालें, उसके बाद इसको छान लें। दो बड़े चम्मच अदरक का रस निकालकर मेथी के पानी में डालें। उसके बाद एक चम्मच शुद्ध शहद इस मिश्रण में डालकर अच्छी तरह से मिला लें। दमा के रोगी को यह मिश्रण प्रतिदिन सुबह पीना चाहिए।

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