यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पुजारी की पत्नी को हुआ धर्म भाई से प्यार और एक दिन फिर उसने उठा दिया ये कदम
पति पूजा पाठ में व्यस्त रहता था। इसी दौरान पुजारी की पत्नी को घर पर अक्सर श्रद्धालु के रूप में आने वाले एक व्यक्ति से प्यार हो गया। दोनों में संबंध बन गए।

जेएनएन, जालंधर। विवाहेत्तर संबंधों के चक्कर में बुंगा कालोनी जालंधर छावनी निवासी एक महिला सात फेरों की कसमों को भी भूल गई। अपने संबंधों के लिए महिला ने फर्जी कागज तैयार कर पति को मृत करार दे दिया और फिर प्रेमी से शादी रचा दी। यही नहीं, महिला ने हाई कोर्ट में गलत दस्तावेजों के सहारे सुरक्षा आदेश भी प्राप्त कर लिए। मामला जब पति को पता चला तो इसका भांडा फूटा।
मामले में महिला के पति शिकायत दर्ज करवाई है। यहां पत्रकारों से बातचीत में पति ने बताया कि 29 अप्रैल 2005 को उसकी शादी अमृतसर निवासी महिला से हुई थी। उसके दो बच्चे हैैं। वह एक मंदिर में पूजा पाठ करता है। इसी दौरान एक व्यक्ति उसके यहां अक्सर आता जाता रहता था। वह श्रद्धालु बनकर उसके पास आता था। उसने उसकी पत्नी को बहन बना दिया था। इस वजह से उसे उस पर कभी शक भी नहीं हुआ।
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उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी व उस व्यक्ति के बीच नाजायज संबंध बन गए। जब उसने इसका विरोध किया तो वह उसे बुरा भला कहने लगी। 27 अगस्त को उसकी पत्नी ने उसे दूध में नींद की गोलियां दे दी और रात में कीमती समान, सोने के गहने, नगदी आदि लेकर प्रेमी के साथ फरार हो गई।
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पीड़ित व्यक्ति के मुताबिक जब उसने एसएचओ नंगल शामा को लिखित शिकायत दी तो उस समय उसके होश उड़ गए जब पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय महिला द्वारा उसके प्रेमी से शादी करने का हाई कोर्ट द्वारा जारी सुरक्षा आदेश दिखाया।
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पीडि़त ने बताया कि जब उसने जांच की तो पता चला कि हाई कोर्ट में उसके पति ने उसे मृत करार दिया है। बहरहाल, मामले की जांच के लिए डीसीपी हरजीत सिंह ने एसीपी एस काहलों को निर्देशित किया है।

