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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

टोहरा की बरसी पर एक मंच पर आई कांग्रेस व 'आप', शिअद ने किया अलग कार्यक्रम

By Kamlesh BhattEdited By:
Updated: Sat, 01 Apr 2017 02:00 PM (IST)

गुरचरन सिंह टोहरा की बरसी पर आयोजित राज्यस्तरीय समागम में कांग्रेसी व आप नेता एक मंच पर दिखे, जबकि शिअद ने अलग से कार्यक्रम आयोजित किया।

टोहरा की बरसी पर एक मंच पर आई कांग्रेस व 'आप', शिअद ने किया अलग कार्यक्रम
टोहरा की बरसी पर एक मंच पर आई कांग्रेस व 'आप', शिअद ने किया अलग कार्यक्रम

जेएनएन, पटियाला। जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहरा की बरसी पर पंजाब सरकार उनके पैतृक गांव टोहरा में राज्यस्तीय कार्यक्रम आयोजित किया। वहीं, शिअद भी टोहरा को श्रद्धांजलि देने के लिए बहादुरगढ़ में अलग से कार्यक्रम आयोजित कर रही है। सरकार की ओर से आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत मुख्य रूप से पहुंचे। इसके अलावा कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष एचएस फूलका भी मौजूद रहे।

इस दौरान फूलका ने कहा कि टोहरा को अकालियों ने भुला दिया है, जबकि कांग्रेस ने उन्हें याद किया है। उन्होंने कहा कि दलों को भेदभाव भुलाकर काम करना चाहिए। कहा कि बादलों ने अकाली दल को पारिवारिक पार्टी बना के रख दिया है। इस दौरान मंत्री धर्मसोत ने इलाके के विकास का आश्वासन दिया।

वहीं, अकाली दल की ओर से बहादुरगढ़ में आयोजित समागम में सुखबीर सिंह बादल ने भी शिरकत की। इसके अलावा इस दौरान जनरल जेजे सिंह, सांसद प्रो प्रेम सिंह चंदूमाजरा, एसजीपीसी प्रधान प्रो किरपाल सिंह बडूंगर भी मौजूद रहे। इस दौरान मंच पर अकाली दल की हार की पीड़ा साफ दिखी। चंदूमाजरा शोकसभा में 20 मिनट तक पार्टी की हार पर बोलते रहे। पार्टी ने इसके लिए आप को प्रोपेगेंडा को जिम्मेदार ठहराया।

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