विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Video: यूपी की बेटी अंशू पंजाब में बनी एक दिन की हवलदार, श्रमिकों से की ऐसी भावुक अपील, दिखने लगा असर

By Kamlesh BhattEdited By:
Updated: Mon, 18 May 2020 02:23 PM (IST)

यूपी के शामली की बेटी अंशू उपाध्याय को पंजाब की लहरागागा पुलिस ने एक दिन का हवलदार बनाया। इसके बाद उसने श्रमिकों से जो अपील की उसका असर दिखने लगा।

Video: यूपी की बेटी अंशू पंजाब में बनी एक दिन की हवलदार, श्रमिकों से की ऐसी भावुक अपील, दिखने लगा असर
Video: यूपी की बेटी अंशू पंजाब में बनी एक दिन की हवलदार, श्रमिकों से की ऐसी भावुक अपील, दिखने लगा असर

संगरूर [मनदीप कुमाऱ]। नायक फिल्म में फिल्म अभिनेता अनिल कपूर ने एक दिन का सीएम बन प्रशासन को काम करने का सलीका सिखाया था, लेकिन गत दिवस शामली उत्तर प्रदेश की अंशू उपाध्याय ने एक दिन की हवलदार बन पलायन कर रहे श्रमिकों से संवेदना जताई और पैदल घर न जाने की भावुक अपील की। बकौल डीएसपी बूटा सिंह गिल अंशू की अपील की असर दिखा।

पंजाब लहरागागा पुलिस की श्रमिकों को रोकने के लिए की इस अनोखी पहल के तहत एसडीएम काला राम व डीएसपी बूटा सिंह गिल ने अंशू उपाध्याय को एक दिन के लिए हवलदार बनाया। अंशू को पुलिस की वर्दी मुहैया करवाई गई। पुलिस की वर्दी में अंशू ने पुलिस मुलाजिमों के साथ मिलकर बाजार में बाहरी राज्यों के मजदूरों से अपील की कि वह पैदल, साइकिल या किसी भी अन्य साधन से अपने इलाके को छोड़कर न जाएं।

अंशू ने कहा, ऐसा करने से उन्हें सफर में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। पंजाब सरकार ने सभी दुकानें, कारखाने, बाजार, फैक्ट्रियां सहित हर काम धंधे को खोलने की इजाजत दे दी है, इसलिए वह घर जाने के बजाय दोबारा अपने काम धंधे पर लौटें और कोरोना से जंग लड़ जिंदगी को संवारें। आपात स्थिति में घर जाना है तो सरकारी बसों व ट्रेनों का इस्तेमाल ही करें।

कर्फ्यू में फंस गई थी अंशू

यूपी के शामली इलाके की 24 वर्षीय अंशू उपाध्याय कोरोना महामारी फैलने से पहले लहरागागा के नजदीकी गांव गागा में अपने रिश्तेदारों के पास आई थी। कोरोना की दस्तक के साथ सरकार ने कर्फ्यू का एलान कर दिया। ऐसे में अंशू उपाध्याय अपने रिश्तेदारों के पास ही फंस गई थी। कुछ दिन पहले अंशू उपाध्याय अपने घर शामली वापस लौटने के लिए लहरागागा के एसडीएम काला राम के पास पहुंची। एसडीएम ने उससे वापस लौटने का कारण पूछा तो उसने कहा कि कोरोना काल की ऐसी स्थिति में वह यहां से वापस तो नहीं जाना चाहती, लेकिन मजदूरों के पैदल घर लौटने की परेशानी को देखकर बेहद दुखी है। इनको रोकने के लिए कुछ करना चाहती हैं। इस पर एसडीएम के जेहन में यह अनोखी पहल का विचार आया।

मजदूर दोबारा रोजगार पर लौटें: एसडीएम

एसडीएम काला राम ने कहा कि श्रमिक को पंजाब में रहना चाहिए। कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन सभी मजदूरों की मेडिकल जांच करने, सरकार से अनुमति लेकर ही उन्हें भेजा जाएगा, इसलिए तब तक सभी श्रमिक दोबारा से अपने रोजगार पर लौट जाएं।

अंशू की अपील का हुआ असर : डीएसपी

डीएसपी बूटा सिंह गिल ने कहा कि अंशू ने बाहरी श्रमिकों बेवजह इलाके से जाने से रोकने की अपील की। इसका मजदूरों पर काफी असर हुआ है। कई श्रमिकों ने यहीं पर रहने का फैसला भी लिया है।

यह भी पढ़ें: अच्छी खबर... श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय ने बनाया कोरोना वायरस से बचाव का फार्मूला

यह भी पढ़ें: यहां है भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी हर वस्तु, समुद्र के नीचे डूबी द्वारिका नगरी के अवशेष भी मौजूद

यह भी पढ़ें: Garment Industry को PPE Kit व Mask की संजीवनी, हाथों हाथ बिक रहा माल, अब Export का इंतजार

यह भी पढ़ें: कामगारों पर लाठीचार्ज और स्प्रे से गुस्साया विपक्ष, कहा- मानवता भूली सरकार