यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'विवाद के लिए उमर सरकार जिम्मेदार'
कश्मीर में सदियों पुरानी ऐतिहासिक कौसरनाग विष्णुपाद यात्रा को फिर से शुरू करने के ऑल पार्टीज माइग्रेंटस कोआर्डिनेशन कमेटी (एपीएमसीसी) के प्रयास पर विव ...और पढ़ें

जम्मू, जागरण संवाददाता। कश्मीर में सदियों पुरानी ऐतिहासिक कौसरनाग विष्णुपाद यात्रा को फिर से शुरू करने के ऑल पार्टीज माइग्रेंटस कोआर्डिनेशन कमेटी (एपीएमसीसी) के प्रयास पर विवाद खड़ा करने के लिए उमर सरकार जिम्मेदार है। अलगाववादियों, बुद्धिजीवियों व नेशनल कांफ्रेंस जैसे राजनीतिक दलों की मिलीभगत से उमर सरकार कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के पुनर्वास के खिलाफ माहौल तैयार करने में सक्रिय है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह उमर सरकार के कश्मीरी हिंदू विरोधी एजेंडे पर रोक लगाने के लिए हस्तक्षेप करे ताकि वह सम्मानपूर्वक अपनी मातृभूमि में अपने घर वापस आ सकें। अपने तीर्थो, धार्मिक स्थलों व मंदिरों में पूरी आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।
जम्मू में सोमवार को संवाददाताओं से एपीएमसीसी के चेयरमैन विनोद पंडित ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर अलगाववादियों के साथ मिलकर कश्मीरी हिंदुओं को घाटी से बाहर रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कौसरनाग विष्णुपाद यात्रा पर उठाए गए विवाद के लिए उमर सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है। उन्होंने उमर सरकार पर विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अलगाववादियों के एजेंडे पर चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उमर सरकार कश्मीर के मूल निवासी कश्मीरी हिंदुओं की वापसी पर अपनी नीति स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि पांच हजार वर्ष पुरानी संस्कृति वाले कश्मीर के मूल निवासी कश्मीरी हिंदू कश्मीर से बाहर कहीं नहीं जाएंगे। जम्मू कश्मीर के वास्तविक स्वरूप को बदलने की सरकार की कोशिश को सिरे नहीं चढ़ने दिया जाएगा।
पंडित ने प्रमुख राजनीतिक दलों को सरकार के एजेंडे को मूक समर्थन देने का आरोप लगाते हुए कहा कि नियमों के दायरे में रह कर उनके कौसरनाग यात्रा निकालने के प्रयास पर लगाए गए प्रतिबंध पर किसी प्रकार का विरोध नहीं जताया, जबकि यात्रा को निकालने की अनुमति स्वयं सरकार ने ही दी थी। पर्यावरण प्रदूषण तो मात्र बहाना है, वास्तव में अलगवावादियों को कश्मीरी हिंदुओं की वापसी के लिए किए जा रहे प्रयास अखर रहे हैं। उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस एमएलसी डॉ. बशीर अहमद वीरी को विवाद का मूल सूत्र बताया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में लाखों पर्यटकों के आने से होने वाले प्रदूषण से अलगाववादी क्यों चुप हैं।
यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने यात्रा को सदियों पुरानी बताया जहां पंडित नागपंचमी को कौसरनाग विष्णुपाद झील की पूजा के लिए आया करते थे। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू भी अपन बहन विजय लक्ष्मी के साथ यात्रा पर आए थे।
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वहीं, संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता किंग भारती ने कौसरनाग यात्रा पर उठाए गए विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कश्मीरी हिंदु की कश्मीर वापसी पर सरकार को अपना रवैया स्पष्ट करना चाहिए। संगठन के महासचिव अरुण कांदरू ने भी उमर सरकार के रवैये की निंदा।