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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mesh Sankranti 2025: कब खत्म होगा खरमास? इन उपायों से पाएं नौकरी में प्रमोशन

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Mon, 17 Mar 2025 09:00 PM (IST)

    ज्योतिषियों की मानें तो सिंह राशि (Mesh Sankranti 2025) के स्वामी सूर्य देव हैं और मेष राशि में सूर्य देव उच्च होते हैं। मेष राशि पर सूर्य देव की विशे ...और पढ़ें

    Mesh Sankranti 2025: सूर्य देव को कैसे प्रसन्न करें?
    Mesh Sankranti 2025: सूर्य देव को कैसे प्रसन्न करें?

    HighLights

    1. मेष राशि के स्वामी ग्रहों के सेनापति मंगल देव हैं।
    2. मंगल देव की कृपा वृश्चिक राशि के जातकों पर बरसती है।
    3. सूर्य देव की पूजा करने से मनचाही मुराद पूरी होती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में खरमास का खास महत्व है। इस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। हालांकि, खरमास के दौरान रोजाना सूर्य देव की पूजा एवं उपासना की जाती है। सूर्य देव की पूजा करने से करियर में जातक को मनमुताबिक सफलता मिलती है। साथ ही स्वास्थ्य उत्तम रहता है। ज्योतिष भी जॉब में सफलता पाने के लिए सूर्य देव की पूजा करने की सलाह देते हैं।

    वर्तमान समय में सूर्य देव मीन राशि में विराजमान हैं। इसके लिए खरमास लगा है। सूर्य देव के मेष राशि में गोचर करने के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा। खरमास के दौरान सूर्य देव की पूजा करने से साधक को आरोग्य जीवन का वरदान मिलता है। आइए जानते हैं-

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    कब लगता है खरमास?

    आत्मा के कारक सूर्य देव के धनु और मीन राशि में गोचर करने पर खरमास लगता है। इस दौरान गुरु का प्रभाव कम या शून्य हो जाता है। शुभ कामों को करने के लिए गुरु का उदय होना अनिवार्य है। खरमास के दौरान सूर्य बली रहते हैं और गुरु क्षीण रहते हैं। इसके लिए सूर्य देव के धनु और मीन राशि में गोचर के दौरान शुभ काम नहीं किया जाता है।

    सूर्य राशि परिवर्तन (Surya Gochar 2025)

    सूर्य देव 14 अप्रैल के दिन राशि परिवर्तन करेंगे। 14 अप्रैल को सूर्य देव देर रात 03 बजकर 21 मिनट पर मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। सूर्य देव के मेष राशि में गोचर करने के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा। इस दिन से सभी प्रकार के मांगलिक कार्य किए जाएंगे।

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    मेष संक्रांति शुभ मुहूर्त (Meen Sankranti Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, 14 अप्रैल को मेष संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन पुण्य काल सुबह 05 बजकर 57 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक है। वहीं, महा पुण्य काल सुबह 05 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 05 मिनट तक है। इस समय में स्नान-ध्यान और दान पुण्य कर सकते हैं।

    उपाय

    • नौकरी में प्रमोशन के लिए रोजाना सूर्य देव को कुमकुम मिला या मिश्रित जल सूर्य देव को अर्पित करें। इस समय सूर्य मंत्र का पाठ करें।
    • अगर आप वास्तु दोष से निजात पाना चाहते हैं, तो घर की पूर्व दिशा की दिवार पर सूर्य देव की तस्वीर जरूर लगाएं।
    • सूर्य देव की कृपा पाने के लिए गेहूं, मूंगफली, गुड़, शहद और लाल रंग के कपड़ों का दान करें। पिता जी की सेवा और सम्मान करें। 

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।