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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    व्हाट्सएप कैसे कर रहा है हमारी जिंदगी पर असर, इन 5 तरीकों से समझिए

    By Sakshi PandyaEdited By:
    Updated: Sat, 02 Sep 2017 02:26 PM (IST)

    इस पोस्ट में हम आपको व्हाट्सएप से जुड़े कुछ नुकसान बताने जा रहे हैं ...और पढ़ें

    व्हाट्सएप कैसे कर रहा है हमारी जिंदगी पर असर, इन 5 तरीकों से समझिए
    व्हाट्सएप कैसे कर रहा है हमारी जिंदगी पर असर, इन 5 तरीकों से समझिए

    नई दिल्ली। नेटवर्किंग की शुरुआत सबसे पहले टेक्स्ट मैसेजेज से हुई थी। उसके बाद बीबीएम ने लोगों को खूब आकर्षित किया। इन दोनों ही सेवाओं को लॉन्च के समय बहुत लोकप्रियता मिली। सबसे ज्यादा बीबीएम का दौर चला था, जब लोग टेक्स्ट की जगह BBM ME बोलने लगे थे। अब यह दौर बदल कर Whatsapp Me हो गया है। व्हाट्सएप, कम से कम भारत में तो मैसेजिंग का दूसरा नाम बन चुका है। इसका पता इस बात से लगाया जा सकता है की व्हाट्सएप पर भारत में फरवरी 2017 तक 200 मिलियन एक्टिव यूजर्स थे। व्हाट्सएप की टक्कर में मौजूद हाईक, आईमैसेज, वाइबर इसकी लोकप्रियता के आस-पास भी नहीं पहुंच सके। लेकिन इसी पॉपुलर एप की एक डार्क साइड भी है। जहां यूजर्स इसके एक पहलू से अवगत हैं, वहां ये भी जरुरी हो जाता है की उन्हें इसका दूसरा पहलू भी पता हो। आइए जानें इस बारे में:

    1. रिप्लाई करना हो गया है अनिवार्य:

    व्हाट्सएप संचार का एक बड़ा माध्यम बन गया है। ऐसे में हम सभी को एक आदत ऐसी लग चुकी है, जिसे अच्छा नहीं कहा जा सकता। चाहे आप किसी मीटिंग में हो या घर पर कोई जरुरी काम कर रहे हों, हमारी आदत बन गई है की व्हाट्सएप पर नोटिफिकेशन आते ही हमारी उंगलियां खुद-ब-खुद उसे चेक करने के लिए बढ़ जाती हैं। यह प्रोफेशनली और पर्सनल दोनों ही परिप्रेक्ष्य में सही नहीं है।

    2. स्पैमिंग:

    जहां एक तरफ व्हाट्सएप को मॉडर्न कम्यूनिकेशन टूल माना जाता है। वहीं, यही वो टूल है जिसमें सबसे ज्यादा स्पैम मैसेज आते हैं। ऐसे टेक्स्ट में आपको सौभाग्य के लिए मैसेज फॉरवर्ड करने को कहा जाता है। इसी एप के जरिए सबसे ज्यादा झूठे मैसेज भी फैलते हैं।

    3. ब्लू टिक मॉन्स्टर:

    ब्लू टिक जैसे फीचर के आने के बाद लोगों में बातचीत से ज्यादा गलतफहमियां होने लगी हैं। इस फीचर से सेन्डर को पता चल जाता है की मैसेज पढ़ लिया गया है। समय से रिप्लाई ना आने पर लोगों में बिना बात के गलतफहमियां पैदा हो जाती हैं। इससे लोग अपना अच्छा समय व्यर्थ की बातों में खराब कर देते हैं।

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    4. ग्रुप मैसेजिंग:

    व्हाट्सएप ग्रुप चैट फीचर को इस सोच के साथ पेश किया गया था की जब जरुरत हो तो लोगों को जोड़कर जरुरी मैसेज एक-साथ दे दिया जाए। लेकिन आज के समय में ग्रुप फीचर जोक्स फॉरवर्ड करने से ज्यादा कुछ नहीं रह गया। इसका सही इस्तेमाल बहुत कम किया जा रहा है।

    5. अवांछित एडवर्टाइजिंग:

    व्हाट्सएप पर आने वाले अवांछित एडवर्टाइजिंग और बिना काम के प्रोडक्ट और सर्विसेज के मैसेज सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। इससे भी बुरा यह है की व्हाट्सएप पर इसे इग्नोर करने के लिए कोई DND फीचर नहीं है। इसका केवल एक समाधान इस तरह के नंबर्स को ब्लॉक करना ही है ।

    ये व्हाट्सएप के कुछ ऐसे पहलू हैं जिससे हम रोजाना दो-चार होते हैं। जिन्हें चाह कर भी हम इग्नोर नहीं कर सकते। तो जहां इस मैसेजिंग एप के कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं।

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