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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    BHIM एप दे रही है पेटीएम और फ्रीचार्ज को कड़ी टक्कर, जानें तीन बड़े कारण

    By MMI TeamEdited By:
    Updated: Tue, 03 Jan 2017 03:15 PM (IST)

    हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए BHIM एप लॉन्च की थी। ये एप मार्किट में मौजूद डिजिटल पेमेंट एप्स Paytm, Freech ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए BHIM एप लॉन्च की थी। ये एप मार्किट में मौजूद डिजिटल पेमेंट एप्स Paytm, Freecharge, Mobikwik को कड़ी टक्कर दे सकती है। यह एक आधार आधारित एप है, जो UPI यानि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस और USSD यानि अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डाटा के साथ काम करती है। इस एप के जरिए बड़ी ही आसानी से ऑनलाइन पेमेंट की जा सकती है। इसके साथ करीब 32 बैंक जुड़े हैं। इस समय केवल एक बैंक अकाउंट ही एप के साथ लिंक किया जाता है। यह एप फिलहाल एंड्रायड यूजर के लिए उपलब्ध है और जल्द ही इसे आईओएस यूजर के लिए भी लॉन्च किया जाएगा। यह एप सरकार का अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट बताया जा रहा है।

    आज हम आपको ऐसे ही तीन कारण बताने जा रहे हैं, जिनके चलते BHIM एप Paytm, Freecharge और Mobikwik को कड़ी टक्कर देगा।

    1. सारे बैंक के लिए एक एप:

    इस एप में UPI और USSD सर्विस एक साथ दी गई है, जो यूजर को हर तरह के डिजिटल भुगतान के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। अगर किसी यूजर का तीन UPI इनेबल्ड बैंक में अकाउंट है, तो BHIM एप यूजर्स की बैंकिंग से संबंधित सभी जरुरी जानकारी को एक साथ उपलब्ध करावा देगा, जिससे वो बिना किसी रुकावट के कैशलैस ट्रांजैक्शन कर पाएगा। UPI पेमेंट एड्रेस यूजर की सभी निजी जानकारियों को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

    2. बिना इंटरनेट के भी चलेगी एप:

    इस एप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एप बिना इंटरनेट के भी काम करेगी। यूजर को महज *99# पर कॉल करना होगा। बिना इंटरनेट के भुगतान करने की सर्विस केवल पेटीएम ही दे रही है। लेकिन वो BHIM एप की तरह मजबूत नहीं है।

    3. फिंगरप्रिंट आधारित कैशलैस ट्रांजैक्शन:

    जैसे ही एक दुकानदार या व्यवसायी बायोमैट्रिक डिवाइस के जरिए अपने स्मार्टफोन से कनेक्ट होते हैं, तब वो यूजर से फिंगरप्रिंट के जरिए पेमेंट ले सकते हैं।


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