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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पेटीएम ने छोटे व्यापारियों के लिए शुरु की पीओएस सुविधा, अब हर कार्ड से ले सकेंगे भुगतान

    By Shilpa SrivastavaEdited By:
    Updated: Thu, 24 Nov 2016 09:52 AM (IST)

    पेटीएम ने अपने मोबाइल एप को और भी स्मार्ट बना दिया है। पेटीएम पर अब हर कार्ड के द्वारा भुगतान किया जा सकेगा ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली| पेटीएम ने अपने मोबाइल एप को और भी स्मार्ट बना दिया है। पेटीएम पर अब हर कार्ड के द्वारा भुगतान किया जा सकेगा। अब पेटीएम के नए अपडेटेड पीओएस यानि प्वाइंट ऑफ सेल एप के जरिये छोटे-मध्यम व्यापारी डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भुगतान स्वीकार कर सकते हैं, जिनमें रूपे, वीसा, मास्टरकार्ड और मेस्ट्रो आदि कार्ड्स शामिल हैं। आपको बता दें कि इस एप से लेन-देन के लिए स्वाइप मशीन की जरुरत नहीं होगी। वहीं, किसी भी क्रेडिट या डेबिट कार्ड का उपयोग करने पर 31 दिसंबर 2016 तक कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह सेवा उन सभी छोटे कारोबारियों के लिए बेहद उपयोगी होगी, जिनके पास अभी तक पीओएस मशीन नहीं हैं।

    व्यापारी कैसे इस्तेमाल करेंगे यह सर्विस?

    व्यापारियों को पहले इस पेटीएम के अपडेटेड पीओएस एप को डाउनलोड कर ओपन करना होगा। फिर “भुगतान स्वीकार करें” आइकन पर जाना होगा। यहां वो अपनी और बैंक खाते की जानकारी देकर डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान प्राप्त करना शुरू कर सकते हैं। कंपनी का लक्ष्य देशभर में नवंबर अंत तक 15 लाख व्यापारियों को इस सुविधा से जोड़ना है। इससे सभी छोटे व्यापारी 50000 रूपये प्रति माह तक का भुगतान हासिल कर सकते हैं। इससे ऊपर का भुगतान लेने के लिए उन्हें पैन नंबर देकर खुद को रजिस्टर्ड कराना पड़ेगा।

    आपको बता दें कि देश में इस समय 75 करोड़ से ज्यादा डेबिट/क्रेडिट कार्ड धारक हैं, लेकिन इन्हें सेवा देने के लिए पीओएस टर्मिनल सिर्फ 14 लाख हैं। वहीं, सिर्फ 3.5% खुदरा दुकानों पर ही डेबिट/क्रेडिट कार्ड से भुगतान स्वीकार किया जाता है। पेटीएम भारत का सबसे बड़ा मोबाइल भुगतान कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। खबरों की मानें तो जल्द ही पेटीएम अपना पेमेंट बैंक सर्विस लॉन्च करेगी, जिसके जरिए अगर कारोबारी खाता खुलवा लेते हैं तो उनसे 31 दिसंबर 2016 के बाद भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। अन्य कारोबारी से रिजर्व बैंक के निर्देश के मुताबिक शुल्क लिया जाएगा।