यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंकजेट प्रिंटर्स से कैसे अलग होते हैं लेजर प्रिंटर, जानिए विस्तार से
हम अपनी इस खबर में आपको बताएंगे कि लेजर और इंकजेट प्रिंटर्स एक-दूसरे से कितने अलग है ...और पढ़ें

नई दिल्ली (जेएनएन)। अगर आपका बच्चा कंप्यूटर पर काम करता है या अपने स्कूल के किसी प्रोजक्ट को बनाता रहता है तो जाहिर तौर पर उसके लिए प्रिंटर की जरूरत होती होगी। ऐसे स्कूली बच्चों के लिए बाजार में कई साइज के प्रिंटर मौजूद है, जिन्हें आप कंप्यूटर या लैपटॉप से आसानी से कनेक्ट कर प्रिंट निकाल सकते हैं।
फिलहाल बाजार में दो खास तरह के प्रिंटर्स मौजूद है जो लेजर और इंकजेट हैं। दोनों ही प्रिंटर्स की अपनी अलग-अलग खासियत है। वहीं, इसमें मौजूद कुछ फीचर्स इन्हें एक दूसरे से अलग बनाती है। कई बार प्रिंटर खरीदते समय ये उलझन रहती है की इंकजेट प्रिंटर और लेजर प्रिंटर में कौन सा प्रिंटर आपके लिए बेहतर होगा। हम अपनी इस खबर में आपको बताएंगे कि लेजर और इंकजेट प्रिंटर्स एक-दूसरे से कितने अलग है।
किन बातों में हैं अलग:
अगर आप कलर प्रिंटर्स चाहते हैं तो इंकजेट प्रिंटर खरीद सकते हैं। इनमें कलर इमेज और फोटोग्राफ्स प्रिंट किए जा सकते हैं। वही, लेजर प्रिंटर का इस्तेमाल टेक्स्ट डॉक्यूमेंट का प्रिंट निकालने के लिए प्रमुखता से किया जाता है। लेजर प्रिंटर में अक्षर क्लियर आते हैं, जबकि इंकजेट प्रिंटर में उतने साफ नहीं होते।
क्या है दोनों में खास अंतर:
लेजर और इंकजेट प्रिंटर्स के खास अंतर की अगर बात की जाए तो इनके काम करने के तरीके बिल्कुल अलग है। दोनों प्रिंटर्स में अलग-अलग कार्ट्रेज का इस्तेमाल किया जाता है। लेजर प्रिंटर में जहां टोनर कार्ट्रेज का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं इंकजेट प्रिंटर में इंक कार्ट्रेज का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा, लेजर प्रिंटर में इलेक्ट्रिकल चार्ज का इस्तेमाल होता है, जहां यह इन्स्ट्रक्शन देता है कि टोनर को कागज पर कब और कहां लगाना चाहिए। वहीं, दूसरी ओर, इंकजेट प्रिंटर की टेक्नोलॉजी काफी आसान है।
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कीमत:
दोनों प्रिंटर के इस्तेमाल करने के खर्च भी अलग-अलग है। जहां, लेजर प्रिंटर में ज्यादा खर्च करने होते है। लेजर प्रिंटर में इस्तेमाल होने वाले कार्ट्रेज और टोनर ज्यादा मंहगे आते हैं। वहीं, इंक कार्ट्रेज इससे ज्यादा सस्ते होते हैं।
स्पेस:
अगर आप घर में जगह की कमी के चलते एक बड़ा प्रिंटर नहीं ले पा रहे हैं तो आपके लिए इंकजेट प्रिंटर एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसे आप आसानी से डेस्क और शेल्फ पर रख कर इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं, इंकजेट प्रिंटर लेजर प्रिंटर की तुलना में ज्यादा बड़ा होता है जिसे रखने के लिए ज्यादा स्पेस की जरुरत होती है।
स्पीड:
लेजर प्रिंटर और इसके कार्टेज, इंकजेट प्रिंटर की तुलना में ज्यादा फास्ट होते हैं। साथ ही, प्रिंटर की स्पीड इसके फंक्शन को धीमा कर देती है। धीमा होने के साथ-साथ, इंकजेट प्रिंटर में आपको समय-समय पर पेपर बदलने की जरुरत होगी, ताकि प्रिंटिग प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
क्वालिटी या गुणवत्ता:
जब प्रिंटेड प्रोडक्ट की क्वालिटी की बात आती है तो लेजर प्रिंटर और टोनर कार्टेज की मदद से आपको बेहतर गुणवत्ता मिलती है। लेटर प्रिंटर की सटीकता को इंकजेट प्रिटर के साथ मैच कराना मुश्किल है। एक बार इंक प्रिंटर से प्रिंट होने के बाद कागज के खराब होने की संभावना भी बढ़ जाती है क्योंकि स्याही तब तक गीली ही रहती है।