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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बजट स्मार्टफोन खरीदने के लिए 5 जरूरी बातें

By Monika minalEdited By:
Updated: Mon, 20 Apr 2015 02:32 PM (IST)

आज बजट स्मार्टफोन कौन नहीं लेना चाहता, कम कीमत में ज्यादा स्पेसिफिकेशन्स वाले स्मार्टफोन्स पाना हर किसी की चाहत होती है लेकिन अपना पैसा खर्च करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें, ताकि बजट स्मार्टफोन खरीदना आपके लिए धोखा न बन जाए। चलिए आपको वो 5 बातें बताते हैं

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आज बजट स्मार्टफोन कौन नहीं लेना चाहता, कम कीमत में ज्यादा स्पेसिफिकेशन्स वाले स्मार्टफोन्स पाना हर किसी की चाहत होती है लेकिन अपना पैसा खर्च करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें, ताकि बजट स्मार्टफोन खरीदना आपके लिए धोखा न बन जाए। चलिए आपको वो 5 बातें बताते हैं जो बजट स्मार्टफोन खरीदते समय याद रखना जरूरी है:

1. बजट फोन की तुलना हाई-एंड स्मार्टफोन्स से न करें

जब कभी भी बजट स्मार्टफोन लेने का प्लान करें, भूलकर भी उसकी तुलना हाई-एंड स्मार्टफोन्स से न करें, इससे आपको निराशा ही हाथ लगेंगी। याद रखें, आपको कम कीमत में उनके आसपास की स्पेसिफिकेशन के फोन्स चाहिए, न की बिल्कुल हाई-एंड स्पेसिफिकेशन्स वाले फोन्स। बजट स्मार्टफोन्स में कैमरा, स्पीड, स्क्रीन रेज्योलूशन, प्रोसेसर टाइप, बिल्ड क्वालिटी और बैटरी लाइफ जैसी बहुत सी चीजों पर समझौता करना होगा।

आपको ध्यान देना है कि आप किस फीचर पर समझौते के लिए तैयार है। ये सच है कि अब भी कुछ बजट स्मार्टफोन हाई-एंड डिवाइसेज के बराबर नहीं पहुंच सकें है, लेकिन जियाओमी रेडमी नोट और यूरेका जैसे कुछ बजट स्मार्टफोन्स हाई-एंड डिवाइसेज के बहुत करीब पहुंच गए हैं। ये कम कीमत में लगभग हाई-एंड स्मार्टफोन्स जैसी ही बेहतर परफॉर्मेंस देते हैं।



2. जो फीचर्स आप चाहते है उन्हें ध्यान से चेक करें

एक सस्ते स्मार्टफोन को बेचने के लिए मैन्युफैक्चरर्स फोन में से कई ऐसे फीचर्स हटा देते है जिनका ख्याल भी आपको खरीदते समय नहीं आता। इसका परिणाम ये होता है कि अगर इंटरनल स्टोरेज 4 जीबी है तो आप केवल 2 जीबी का ही इस्तेमाल कर पाते हैं, कनेक्टिविटी के केस में हो सकता है कि फोन से वाइफाइ डायरेक्ट, एनएफसी और नया ब्लूटूथ 4.0 हटा दिया गया हो और आपने ध्यान नहीं दिया हो, फोन की 4.7 इंच स्क्रीन का रेजोल्यूशन हो सकता है सिर्फ 800x480 पिक्सल हो। हमेशा पेमेंट से पहले डबल चेक करें कि जो फीचर्स आपको चाहिए वो है या नहीं। उदाहरण के लिए यदि आप बहुत सारी तस्तवीरें क्लिक करने के शौकीन है तो कैमरा में ऑटोफोकस की कमी एक बहुत बड़ा इशू हो सकता है।



3. हार्डवेयर पर हमेशा फोकस रखें

हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन्स वो चीज है, जिसे स्मार्टफोन को चुनते समय पूरी तरह ठीक से चेक करना जरुरी है। ऐसा नही होना चाहिए कि चूंकि ये बजट स्मार्टफोन है तो एंट्री-लेवल हार्डवेयर पर ही काम करेगा। हार्डवेयर में प्रोसेसर पर जरुर ध्यान दें और अच्छे से चेक करें (अब तो ऑक्टा कोर भी आसानी से उपलब्ध है), रैम चेक करें (याद रखें ये जितनी ज्यादा हो उतना अच्छा है), और अवैलबल स्टोरेज को ठीक से चेक करें (इसमें एक्सपेंडेबल कितनी जीबी है हमेशा दिखनी चाहिए)। इसके अतिरिक्त जिन अन्य चीजों पर ध्यान देना जरुरी है वो है- डिस्प्ले साइज और रेजोल्यूशन, कनेक्टिविटी ऑप्शन्स, बैटरी कैपेसिटी इत्यादि। इन सब बातों के अलावा हमेशा खरीदने से पहले एक डेमो फोन में उसकी बिल्ड क्वॉलिटी, बटन प्लेसमेंट और पोर्ट्स को चेक करके सुनिश्चित कर लें।



4. ओएस वर्जन को भी चेक करें

आज मार्केंट में पुराने वर्जन को चलाने वाली एंड्रायड, विंडोज और ब्लैकबेरी डिवाइसेज भी उपलब्ध है। आप सुनिश्चित कर लें कि आपने फोन खरीदने का डिसीजन लेने से पहले ही ऑपरेटिंग सिस्टम पर नजर डाल ली है। आप कतई नहीं चाहेंगे कि एक ऐसी डिवाइस लेके फंस जाएं जो विंडोज और एंड्रायड फोन्स के पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम को चलाती हो और जिसे नये ऑपरेटिंग सिस्टम के अपडेट के बारे में कुछ खबर ही न हो।

हमेशा ध्यान रखें कि अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए अलग-अलग हार्डवेयर की जरुरत होती है। जैसे एंड्रायड के लेटेस्ट वर्जन की तुलना में विंडोज ओएस के लेटेस्ट वर्जन फोन में (8 और उससे ऊपर के) कम प्रोसेसर स्पीड और रैम की जरुरत होती है। इस बात पर भी ध्यान दें कि कितने थर्ड पार्टी एप्स प्री- इंस्टॉल्ड है और क्या उन्हें हटाने से फोन की परफॉर्मेंस पर कोई फर्क पड़ेगा?



5. आफ्टर सेल्स रिपोर्ट

ज्यादातर स्मार्टफोन्स एक साल की वारंटी के साथ आते हैं। यद्दपि अगर सर्विस सेंटर नजदीक न हो तो इस वारंटी का कोई लाभ नहीं होता।

नजदीकी सर्विस सेंटर को कंपनी की वेबसाइट पर चेक करें। कंपनी की सपोर्ट रेप्युटेशन कैसी है, इस बात को अलग- अलग फोरम्स से वेरिफाई करें।

ज्यादातर कंपनियों में स्मार्टफोन्स के स्पेयर पार्ट्स न मिलने की समस्या आती है।

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