यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जानें क्या है सच स्मार्टफोन से जुड़ी इन 5 अफवाहों का
बड़ी तादाद में इस्तेमाल होने वाले आपके स्मार्टफोन से बहुत सी अफवाहें और अंधविश्वास भी जुडे है, लेकिन बहुत कुछ ऐसा है जो स्मार्टफोन के बारे में मात्र ए ...और पढ़ें

आज स्मार्टफोन का इस्तेमाल शायद ही कोई हो जो नहीं करता है, इतनी बड़ी तादाद में इस्तेमाल होने वाले आपके स्मार्टफोन से बहुत सी अफवाहें और अंधविश्वास भी जुडे है जैसे-फोन को अगर जेब में रखा तो हार्ट प्रॉब्लम हो सकती है इत्यादि। हालांकि कुछ बातें इनमें से सच भी हो सकती है लेकिन बहुत कुछ ऐसा है जो स्मार्टफोन के बारे में मात्र एक मिथ या गलतफहमी या अफवाह है और हम जाने-अनजाने उसपर विश्वास भी करते हैं। आज इन्हीं अंधविश्वासों के बारे में जानते है:
पढ़े: फोन में काम की चीजें भी कर दी डिलीट, डोंट वरी ऐसे करें रिकवर
1.पेट्रोल पंप पर फोन को रखें बंद
अक्सर आपने सुना होगा कि पेट्रोल पंप पर फोन ऑन रखने से आग लग सकती है इसलिए इसे बंद रखना चाहिए, लेकिन इसका सच यह है कि ऐसा कुछ नहीं होता। असल में आग किसी चिंगारी से तो लग सकती है, मगर फोन या उसके सिग्नल से बिल्कुल नहीं।
2. चार्जिंग के समय नहीं करनी चाहिए बात
चार्जिंग के समय बात नहीं करनी चाहिए यह सच भी हो सकता है। अगर चार्जर या बैटरी की क्वालिटी अच्छी न हो तो ऐसा हो भी सकता है, लेकिन अगर बैटरी बढ़िया कंपनी की है तो परेशानी की कोई वजह नहीं।
3. पूरी रात के लिए फोन को चार्जिंग पर रखना
फोन की बैटरी फुल होने पर वह चार्ज होना बंद हो जाता है और यह खतरनाक सिचुएशन है। अगर आपके फोन के सॉकेट में कुछ खराबी हो तो स्पार्किंग होने से यह खराब भी हो सकता है।
खबरें और भी
4. इंकॉगनिटो मोड से हिस्ट्री डिटेल नहीं आती
बहुत लोगों से आपने सुना होगा कि अगर इंकॉगनिटो मोड में ब्राउजिंग करें तो हिस्ट्री डिटेल नहीं आती, लेकिन यह पूरा सच नहीं है क्योंकि ऐसा हर बार नहीं हो सकता।
पढ़े: फोन खो गया या हुआ है चोरी, फिर भी करें अपने हैंडसेट को पूरी तरह कंट्रोल
5. प्लेन में फ्लाइट मोड पर रखें फोन
अक्सर कहा जाता है कि प्लेन में सफर के दौरान फोन को फ्लाइट मोड पर रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से मोबाइल नेटवर्क काम करना बंद कर देते है। इस रूल के बारे में बहुत समय से सुनते चले आ रहे है, लेकिन इस बात का कितना असर पड़ता है कुछ सटीक रूप से नहीं कहा जा सकता।