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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भारत में मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की संख्या जून तक 42 करोड़ पहुंचने का अनुमान: IAMAI रिपोर्ट

    By Shilpa SrivastavaEdited By:
    Updated: Tue, 02 May 2017 06:41 PM (IST)

    रिपोर्ट के अनुसार, भारत में साल 2017 में जून तक करीब 420 मिलियन यानि 42 करोड़ इंटरनेट मोबाइल उपभोक्ता होने की उम्मीद लगाई गई है ...और पढ़ें

    भारत में मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की संख्या जून तक 42 करोड़ पहुंचने का अनुमान: IAMAI रिपोर्ट
    भारत में मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की संख्या जून तक 42 करोड़ पहुंचने का अनुमान: IAMAI रिपोर्ट

    नई दिल्ली (पीटीआई)। इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जून 2017 तक मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की संख्या बढ़कर 42 करोड़ (420 मिलियन) हो जाएगी, जिसके दिसंबर 2016 तक 38.9 करोड़ होने का अनुमान था। नए यूजर्स की संख्या में होने वाले इजाफे में ग्रामीण इलाकों की भी अहम भूमिका होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शहरी उपभोक्ता मोबाइल डेटा पर करीब 275 रुपये प्रति महीना तक खर्च कर रहे हैं। 

    ग्रामीण उपभोक्ता की संख्या में हो रही बढ़ोतरी

    आपको बता दें, 420 मिलियन में से 250 मिलियन शहरी उपभोक्ता और बाकि 170 मिलियन ग्रामीण उपभोक्ता के होने की संभावना है। डाटा और स्मार्टफोन्स किफायती दामों में उपलब्ध कराए जाने के चलते यूजर्स की संख्या में ग्रामीण हिस्सों से ज्यादा तेज वृद्धि हो रही है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शहरी उपभोक्ता इंटरनेट का इस्तेमाल संचार, सोशल नेटवर्किंग और मनोरंजन के लिए करते हैं, वहीं, ग्रामीण उपभोक्ताओं ने सबसे ज्यादा इंटरनेट का इस्तेमाल मनोरंजन के लिए किया।

    डाटा और कॉलिंग में से किस पर होता है अधिक खर्च?

    रिपोर्ट के मुताबिक, शहरी उपभोक्ता अपने मोबाइल पर 552 रुपये प्रति महीना खर्च करते हैं, जिसमें से 50 फीसद कीमत सिर्फ डाटा के लिए इस्तेमाल की जाती है। साथ ही शहरी युवा उपभोक्ता अपने मासिक बिल का ज्यादातर हिस्सा इंटरनेट डाटा पर खर्च करते हैं। वहीं, यह देखा गया है कि कॉलिंग का इस्तेमाल उम्र के साथ बढ़ता जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 45 साल के लोगों का मासिक मोबाइल बिल समेत कॉलिंग और डाटा उच्च स्तर पर पाया गया है। इस प्रकार से, जहां एक ओर युवा शहरी उपभोक्ता भारतीय दूरसंचार सेवाओं के विकास में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, यह देखने को मिला है कि वरिष्ठ वर्ग प्रति यूजर के आधार पर टेलिकॉम कंपनियों को अधिक रेवन्यू उपलब्ध करा रहे हैं। 

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