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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अमेजन, फ्लिपकार्ट और पेटीएम फूड डिलीवरी बिजनेस में आजमा रहे हाथ

    By Shilpa SrivastavaEdited By:
    Updated: Tue, 07 Nov 2017 11:30 AM (IST)

    ई-कॉमर्स कंपनियां फूड डिलीवरी बिजनेस में कदम रखने के लिए निवेशकों से बात कर रही हैं ...और पढ़ें

    अमेजन, फ्लिपकार्ट और पेटीएम फूड डिलीवरी बिजनेस में आजमा रहे हाथ
    अमेजन, फ्लिपकार्ट और पेटीएम फूड डिलीवरी बिजनेस में आजमा रहे हाथ

    नई दिल्ली (जेएनएन)। भारत में फूड डिलीवरी बिजनेस तेजी से उभर रहा है। फ्लिपकार्ट, पेटीएम और अमेजन जैसी सभी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां इस बिजनेस में हाथ आजमाने की कोशिश कर रही हैं। ये तीनों कंपनियां फूड डिलीवरी बिजनेस के लिए इस सेक्टर की दिग्गज कंपनियों जैसे जोमैटो, स्वीगी, फ्रैशमैन्यू, फासोस के साथ बातचीत की प्रक्रिया में हैं।

    हाइपर-लोकल ऑनलाइन कॉमर्स ईकोसिस्टम बनाने की कोशिश:

    फ्लिपकार्ट, पेटीएम और अमेजन के निवेशक बेहतर अल्ट्रा-लोकल ऑनलाइन कॉमर्स इकोसिस्टम बनाने के लिए इस बिजनेस में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे उन्हें अपने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। आपको बता दें कि यह एक ऐसा मार्किटिंग ईकोसिस्टम है जो उपभोक्ता और ब्रैंड के बीच संबंध को परिभाषित करता है।

    नए कारोबार में संभावनाएं तलाश रही हैं कंपनियां:

    अगर अमेजन की बात करें तो यह हाइपर-लोकल डिलीवरी सुपरमार्किट कंपनियां जैसे बिग बास्केट, अलीबाबा और पेटीएम मॉल से बात कर रही है। खबरों की मानें ये कंपनियां जल्द ही निवेश और बिजनेस को लेकर अंतिम फैसला ले सकती हैं। वहीं, पेटीएम की बात करें तो यह कंपनी नियरबाय और लिटल ऑनलाइन कूपन वेबसाइट्स को खरीदने की कोशिश कर रही है।

    डायवर्सिफाइड निवेश:

    घटते शेयर बाजार और बढ़ती नकदी के साथ, सभी ई-कॉमर्स कंपनियां डायवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल में प्रवेश करने की कोशिश कर रही हैं। कंपनियां ऑनलाइन रिटेल स्टोर्स, ट्रैवल, मनोरंजन टिकटिंग, फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी जैसे सेक्टर्स में संभावनाएं तलाश रही हैं। ऐसे में डायवर्सिफाइड निवेश इन ई-कॉमर्स दिग्गजों को बड़ी इंटरनेट कंपनियों के रूप में उभरने में मदद करेगा।

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    तेजी से बढ़ रहा है फूड डिलीवरी बिजनेस:

    मौजूदा स्थिति में ऑनलाइन फूड डिलीवरी बिजनेस के 12-13 मिलियन प्रति महीने से ज्यादा ऑर्डर्स हैं। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले दोगुना है। अनुमान लगया जा रहा है कि वर्ष 2020 के आखिरी तक इस सेक्टर की घरेलू मार्किट वैल्यू 119 अरब डॉलर हो जाएगी। आपको बता दें कि ऑनलाइन रिटेलर्स ने इस सेक्टर में निवेश करना शुरू कर दिया है।

    फ्लिपकार्ट ग्रॉसरी डिलीवरी सर्विस का पायलट लॉन्च:

    फ्लिपकार्ट ने अपनी ग्रॉसरी डिलीवरी सर्विस का पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च कर दिया है। इसे बेंग्लुरु में पेश किया गया है। फ्लिपकार्ट की एप पर सुपरमार्ट देखा जा सकता है। इसे फिलहाल कंपनी के कर्मचारियों और कुछ चुनिंदा ग्राहकों के लिए ही रोलआउट किया गया है। बताया जा रहा है कि फ्लिपकार्ट से इस सर्विस के लिए कम से कम ऑर्डर 500 रुपये का है। वहीं, अगर ग्राहक 1,000 रुपये से ज्यादा का ऑर्डर करते हैं तो उन्हें फ्री डिलीवरी दी जाएगी। आपको बता दें कि पायलेट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद ही कंपनी इसे दूसरे शहरों में लॉन्च करेगी। कंपनी पिछले काफी समय से FMCG सेक्टरम एंट्री करने की कोशिश कर रही थी।

    अमेजन पैंट्री और पेटीएम:

    अमेजन ने इस सेक्टर में पैर पसारते हुए Amazon Pantry लॉन्च की है। ग्राहक अमेजन एप के जरिए ग्रॉसरी और बाकी जरुरी सामान ऑर्डर कर सकते हैं। इसे केवल कुछ चुनिंदा शहरों के लिए ही उपलब्ध कराया गया है। वहीं, पेटीएम इस मार्किट में एंट्री करने के लिए अलीबाबा से बातचीत की प्रक्रिया में है।

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