यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एप्पल ने एंड्रायड पर लॉन्च किया यह अटैक, जानें विस्तार से
इस बार कंपनी के इस प्लान में बदलाव यह आया है की, इस बार एप्पल अपने प्रोडक्ट्स को विंडोज पर नहीं एंड्रायड पर प्रमोट करेगी ...और पढ़ें

नई दिल्ली। एप्पल एक बार फिर उपभोक्ताओं को अपनी ओर खींचने के लिए बिजनेस प्लान लेकर आया है। कंपनी उपभोक्ताओं तक पहुंचने के लिए और उन्हें रिझाने के लिए राइवल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाली है। इस बार कंपनी के इस प्लान में बदलाव यह आया है की, इस बार एप्पल अपने प्रोडक्ट्स को विंडोज पर नहीं एंड्रायड पर प्रमोट करेगी। आईफोन निर्माता ने सोमवार को एक नई वेबसाइट लॉन्च की है।
क्या है इस वेबसाइट का उद्देश्य?
इस वेबसाइट का प्रमुख उद्देश्य एंड्रायड फोन यूजर्स को एप्पल आईफोन खरीदने या एंड्रायड से एप्पल में स्विच होने के लिए प्रेरित करना है। इस वेबसाइट के रंग-बिरंगे वेबपेजेस पर आईफोन खरीदने के लिए लिंक दिया गया है। इस लिंक के अलावा इसमें कई प्रश्नो के उत्तर भी दिए गए हैं- जैसे की यूजर्स क्यों एंड्रायड से एप्पल में स्विच करें ओर एंड्रायड से एप्पल में शिफ्ट करना कितना मुश्किल होगा आदि।
उदाहरण के लिए एक प्रश्न बताये तो: '' क्या आईफोन में स्विच करना आसान होगा?''
एप्पल ने इसका जवाब दिया- '' हां। एंड्रायड से आईफोन में स्विच करने से पहले आपको कहीं भी अपना डाटा सेव करने की जरुरत नहीं है। आपको सिर्फ गूगल प्ले स्टोर से Move to iOS एप डाउनलोड करनी होगी और इसकी मदद से आपका सारा डाटा सुरक्षित आईफोन में ट्रांसफर हो जाएगा।
एप्पल का फोकस अब एंड्रायड पर:
काफी समय से एप्पल ने अपना फोकस एंड्रायड यूजर्स पर कर लिया है ओर एप्पल सीईओ टीम कुक ने एंड्रायड से एप्पल में स्विच होने वाला यूजर्स का आंकड़ें भी बताया, यह देखने के लिए की कंपनी इन आंकड़ों पर गंभीरता से कार्य कर रही है। टीम कुक के अनुसार- ''हमें ग्रेटर चीन के बाहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा एंड्रायड से आईफोन में स्विच करने वाले यूजर्स मिले।''
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एप्पल ने एंड्रायड यूजर्स को टारगेट करने के लिए अलग से वेबसाइट भी बनाई हुई है। दो साल पहले, कंपनी ने एंड्रायड के लिए "Move to iOS" नाम से एप भी रिलीज की थी, जो स्विच करने वाले यूजर्स की मदद करती है। एप्पल उसी तरह से एंड्रायड कस्टमर्स को टारगेट कर रहा है, जिस तरह पिछले दशक में कंपनी ने विंडोज PC यूजर्स को Mac लेने के लिए प्रेरत किया था।