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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सरकार बना रही ऑनलाइन पेमेंट को आसान, इन टूल्स से कैशलैस लेनदेन हो रहा कामयाब

    By Shilpa SrivastavaEdited By:
    Updated: Wed, 22 Feb 2017 05:10 PM (IST)

    डिजिटल वॉलेट, मोबाइल बैंकिंग, एनईएफटी और आरटीजीएस भी कैशलेस ट्रांजेक्शन के तेजी से पॉपुलर हो रहे तरीके हैं ...और पढ़ें

    सरकार बना रही ऑनलाइन पेमेंट को आसान, इन टूल्स से कैशलैस लेनदेन हो रहा कामयाब
    सरकार बना रही ऑनलाइन पेमेंट को आसान, इन टूल्स से कैशलैस लेनदेन हो रहा कामयाब

    नई दिल्ली। डिजिटलाइजेशन के दौर में कैशलेस ट्रांजेक्शन तेजी से लोकप्रिय हो रहा माध्यम है। इस माध्यम से खरीदारी अथवा बिक्री के लिए दोनों खरीदार और बेचने वाले को बैंक का सहारा लेने की जरूरत पड़ती है। कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए प्लास्टिक मनी अथवा क्रेडिट और डेबिट का सहारा लिया जाता है। इसके अलावा, बैंक का चेक और ड्राफ्ट, कैशलेस ट्रांजेक्शन की श्रेणी में आता है। डिजिटल वॉलेट, मोबाइल बैंकिंग, एनईएफटी और आरटीजीएस भी कैशलेस ट्रांजेक्शन के तेजी से पॉपुलर हो रहे तरीके हैं।

    कैशलेस ट्रांजेक्शन में कैश जैसी आसानी नहीं देखने को मिलती है। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह कैश लेने-देने से काफी बेहतर है। इस माध्यम में बैंक और सरकार के कर विभाग की नजर में प्रत्येक बड़े ट्रांजेक्शन रहते हैं। वहीं, छोटे से छोटे ट्रांजेक्शन का भी पूरा ब्यौरा मौजूद रहता है। यही वजह है कि सरकार ने नोटबंदी के बाद देश के नागरिकों के लिए एक-एक करके चार टूल्स लॉन्च किए हैं। मौजूदा कैशलेस सिस्टम यानी इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और इमीडिएट पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) के साथ ही अब भारतक्यूआर कोड, यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) और भीम एप भी उपलब्ध किया गया है।

    BharatQR code: क्विक रिस्पॉन्स कोड यानि कि QR कोड के जरिए भी डिजिटल तरीके से पेमेंट कर सकते हैं। भारतक्यूआर कोड को नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन, मास्टर कार्ड और वीजा द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। यह विश्वभर में अपनी तरह का सबसे पहला प्रयास है, जिसमें विभिन्न प्रकार के पेमेंट के लिए सिंगल QR कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है। यानि कि अब पेटीएम, मोबिक्विक या फिर पेजैप जैसे अलग-अलग मोबाइल वॉलेट के लिए अलग-अलग QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं है। एक ही कोड आपका काम हल कर देगा। यह एप एंड्रायड और iOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा। फिलहाल यह एप विंडोज प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है।

    Unified Payments Interface (UPI): यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस सिस्टम मोबाइल एप पर आधारित है। यानी ये इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले स्मार्टफोन में काम करता है। यूपीआई को इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट से जुड़ा होना जरूरी है। इसमें आपको अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी या बैंकिंग पासवर्ड फीड नहीं करना होता है। आपको मोबाइल बैंकिंग पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर (एम-पिन) बनाना होता है, जो 4 या फिर 6 डिजिट का हो सकता है। यह आपके एटीएम पिन की ही तरह गोपनीय कोड होता है। लगभग सभी बैंक UPI पेमेंट सिस्टिम को सपोर्ट कर रहे हैं। यह एप एंड्रायड तथा iOS प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।

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    Bharat Interface for Money (BHIM): भीम एप को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा डेवलप किया गया है। इसकी मदद से लोग यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के जरिए पैसे मंगवा और भेज सकते हैं। फिलहाल देश के 37 प्राइवेट और पब्लिक सेक्टफर के बैंक इस एप के साथ इंटीग्रेट हो चुके हैं। यह एप मोबाइल नंबर से लिंक रहता है। इस एप से पेमेंट देने और लेने के अलावा आप अपने बैंक खातों का बैलेंस भी चेक कर सकते हैं। इस एप से आप उन बैंक खातों में भी रकम भेज सकते हैं, जो यूपीआई से कनेक्ट नहीं हैं। इसके लिए आपको IFSC कोड तथा खाता नंबर की आवश्यकता होती है। हाल ही में इस एप में आधार नंबर से पेमेंट की सुविधा को भी जोड़ा गया है। एंड्रायड तथा iOS यूजर्स इस एप को डाउनलोड कर सकते हैं।

    Aadhaar-enabled payment system (AEPS): एईपीएस का अर्थ है आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम। यह बैंक ग्राहक को बैंक खाते तक पहुंच बनाने एवं सामान्य बैंकिंग लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है। यह बैंकिंग कॉरस्पॉंडेंट (बीसी) की सहायता से पीओएस (माइक्रो एटीएम) पर बैंक-से-बैंक लेनदेन की अनुमति देती है। उपयोगकर्ता को बैंक में या बीसी की सहायता से अपने अकाउंट के लिए आधार नम्बर देना होता है। इस पेमेंट सिस्टम में फिंगर प्रिंट रीडर का इस्तेमाल होता है।

    Aadhaar Pay: आधार पे से फिंगरप्रिंट के जरिए फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन को पूरा किया जा सकता है। आधार पे पहले से इस्तेमाल हो रहे आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम का मर्चेंट वर्जन है। इसका इस्तेमाल पहले से प्रचलित ऑनलाइन और कार्ड ट्रांजेक्शन का विकल्प हो सकता है, जहां पासवर्ड और पिन की जरूरत पड़ती है। इस एप के जरिए कैशलेस पेमेंट करने के लिए ग्राहकों को सिर्फ अपना आधार नंबर, उस बैंक का नाम जिससे पेमेंट किया जाना है और अपना फिंगरप्रिंट देने की जरूरत है। इस एप के जरिए पेमेंट करने के लिए सिर्फ एक सामान्य एंड्रायड फोन की जरूरत पड़ेगी और मर्चेंट को बायोमैट्रिक डिवाइस लगाना होगा। इस एप से बिना किसी कार्ड और पिन नंबर के डिजिटल ट्रांजेक्शन करना संभव होगा। आधार पे खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है, जिनके पास डेबिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट और मोबाइल फोन नहीं हैं।

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