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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिल की धड़कने अब करेंगी आपका फोन अनलॉक, आई नई तकनीक

    By Sakshi PandyaEdited By:
    Updated: Wed, 27 Sep 2017 03:01 PM (IST)

    क्या आपने सोचा था कि कभी ऐसा सिस्टम भी आएगा जब फोन को अनलॉक करने के लिए फिंगरप्रिंट सेंसर, फेस आईडी और पिन जैसे तरीके पुराने हो जाएंगे ...और पढ़ें

    दिल की धड़कने अब करेंगी आपका फोन अनलॉक, आई नई तकनीक
    दिल की धड़कने अब करेंगी आपका फोन अनलॉक, आई नई तकनीक

    नई दिल्ली (जेएनएन)। वैज्ञानिकों ने एक नया कंप्यूटर सिक्योरिटी सिस्टम बनाया है। इस सिस्टम के तहत यूजर हार्ट स्कैन के जरिए लॉग-इन कर पाएगा। यह तकनीक लॉग-इन करने वाले के ऑर्गन डाइमेंशन पर कार्य करेगी।

    कैसे काम करेगा सिस्टम:

    यह सिस्टम आपके हार्ट को लो-लेवल डॉप्लर रडार के जरिए मापता है। इसके बाद यह आपके हार्ट को मॉनिटर करता है ताकि यह सुनिश्चित कर सके की कोई और आपके कंप्यूटर का इस्तेमाल ना कर सके।

    हार्ट के शेप और साइज को डिटैक्ट करेगा सिस्टम:

    यह तकनीक कंप्यूटर और स्मार्टफोन दोनों के लिए काम करेगी। यूनिवर्सिटी ऑफ बफैलो ने इस सिस्टम को बनाया है। इससे जब यूजर स्मार्टफोन उठाएगा या कम्प्यूटर एक्सेस करेगा तो वह अपने आप ओपन हो जाएगा। इस अध्धयन के लेखक वीनयाउ शू के अनुसार दो व्यक्तियों की हार्ट स्कैनिंग एक-दूसरे से काफी अलग होती है। हार्ट का साइज और शेप तब तक नहीं बदलता जब तक व्यक्ति को हार्ट से संबंधित कोई बीमारी ना हो।

    शोधकर्ताओं के अनुसार- इस तकनीक का इस्तेमाल एयरपोर्ट पर भी किया जा सकता है। इसी के साथ प्राइवेसी बनाए रखने के लिए यह सिस्टम कंप्यूटर और लैपटॉप दोनों पर कारगर है। इस सिस्टम की सिग्नल स्ट्रैंथ वाई-फाई से काफी कम है। इसका मतलब इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा।

    सिग्नल स्ट्रैंथ है कम:

    इसके निर्माताओं ने दावा किया है की सिस्टम की सिग्नल स्ट्रैंथ वाई-फाई से काफी कम है। इसका मतलब इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा। वीनयाउ शू ने बताया है कि इस तकनीक को वाई-फाई का उपयोग करने वाली जगहों पर भी उपयोग में लाया जा सकता है। इस तकनीक को टेस्ट करने पर नतीजों में 98.61 प्रतिशत तक सही रिजल्ट्स मिले हैं।

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    8 सेकेंड में स्कैन होगा हार्ट:

    इस सिस्टम को पहली बार हार्ट स्कैन करने में 8 सेकेंड का समय लगता है। इसके बाद मॉनिटर आसानी से हार्ट को पहचान पाएगा। इसके साथ ही यूजर के दूर जाने पर सिस्टम फोन या कंप्यूटर को फिर से लॉक कर देगा। इसी कारण यह प्रोसेसस सुरक्षित है और इसे क्रैक करना भी आसान नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस सिस्टम को अमेरीकी राज्य उटाह में अगले महीने मोबाइल कम्प्यूटिंग और नेटवर्किंग पर आयोजित होने वाले 23वें वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान लोगों के सामने पहली बार दिखाया जाएगा।

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