Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    साइबर अटैक में अहम भूमिका निभाता है सोशल मीडिया, जानें कैसे रहे सुरक्षित

    By Shilpa SrivastavaEdited By:
    Updated: Thu, 13 Jul 2017 04:47 PM (GMT+05:30)

    बड़े बिजनेस से ज्यादा छोटे और मध्यम वर्ग के बिजनेस पर साइबर अटैक का खतरा रहता है ...और पढ़ें

    साइबर अटैक में अहम भूमिका निभाता है सोशल मीडिया, जानें कैसे रहे सुरक्षित
    साइबर अटैक में अहम भूमिका निभाता है सोशल मीडिया, जानें कैसे रहे सुरक्षित

    नई दिल्ली (जेएनएन)। सिक्योरिटी प्रोवाइडर साइटलॉक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 99 फीसद हैक की गई वेबसाइट्स नॉनप्रॉफिट, ब्लॉग्स और छोटे बिजनेस से संबंधित हैं। वहीं, बड़े बिजनेस वाली वेबसाइट्स पर हैकर्स के जरिए अटैक नहीं किया गया है। साथ ही यह बताया गया है कि प्रतिदिन वेबसाइट्स पर औसतन 22 बार और प्रतिवर्ष 8000 बार अटैक किया गया है। आईबीएम के कार्यकारी सुरक्षा सलाहकार एटे माओर ने भी इसी बात के संकेत दिए हैं कि साइबर हमले बड़े बिजनेस तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने यह बताया कि मध्यम और छोटे बिजनेस पर ज्यादा अटैक किया जाता है।

    छोटे बिजनेस को हैक करना आसान:

    साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और आईपी आर्किटेक्ट के अध्यक्ष जॉन पीरॉनटी ने कहा कि छोटे बिजनेस इसलिए जल्दी हैक हो जाते हैं क्योंकि उनकी सिक्योरिटी में कमी होती है। छोटी और मध्यम वर्ग की कंपनियां बड़े बिजनेस की सिक्योरिटी के स्तर तक नहीं पहुंच पाती हैं। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के बिजनेस को हैक करना बेहद आसान हो जाता है।

    सोशल मीडिया पर अधिक खतरा:

    साइटलॉक डाटा के मुताबिक, सोशल मीडिया की उपस्थिति साइबर अटैक्स में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसी वेबसाइट्स जो ट्विटर, इंस्टाग्राम या फेसबुक से लिंक होती हैं उनके हैक होने की संभावना किसी भी औसत साइट से 1.5 गुना ज्यादा होती है। साइटलॉक के अध्यक्ष नील फैदर ने कहा, “कोई भी वेबसाइट कितने जोखिम में है यह उसकी लोकप्रियता पर निर्भर करता है। साथ ही वो साइट पर कौन-से कॉम्पोनेंट इस्तेमाल कर रहे हैं इसपर भी निर्भर करता है”।

    कैसे बचें?

    साइटलॉक के अध्यक्ष नील फैदर ने कहा कि जितनी ज्यादा कोई भी वेबसाइट विजिबल होगी उतना ही ज्यादा साइबर अटैक का खतरा रहेगा। ऐसे में कंपनियों को अपना कॉन्टैन्ट मैनेजमेंट सिस्टम यानि CMS लगातार अपडेट करते रहना चाहिए और फायरवॉल जैसे अतिरिक्त टूल्स का भी इस्तेमाल करना चाहिए।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें:

    जियो, एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया और बीएसएनएल के प्लान्स में से आपके लिए कौन सा है बेस्ट

    ऑनलाइन सेल: कहीं 80 फीसद का डिस्काउंट तो कहीं मिल रहा एक पर एक फ्री

    2017 के ये टॉप 5 अल्ट्राबुक लैपटॉप यूजर्स को देंगे शानदार एक्सपीरियंस, जानें कीमत