यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जियो के आरोप का एयरटेल ने दिया करारा जवाब, भरोसेमंद हैं हमारे विज्ञापन
एयरटेल ने जियो के आरोप का जवाब दिया है

नई दिल्ली। टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल के खुद को सबसे तेज मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर बनाने वाले विज्ञापन को रिलायंस जियो ने भ्रमित करने वाला और झूठा बताया था। शिकायत का जवाब देते हुए, एयरटेल ने कहा कि Ookla ने देशभर में लाखों यूजर्स पर सर्वे किया है, जिसके बाद कठोर विश्लेषण के आधार पर सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है। ऐसे में Ookla के निष्कर्ष विश्वसनीय और प्रामाणिक हैं।
Ookla के सीओओ जेमी स्टीवन ने मामले को लेकर साफ किया है, “हम इंटरनेट की स्पीड को मापने में ग्लोबल लीडर हैं। साथ ही हम इंटरनेट स्पीड को मापने के लिए एक अयोग्य पद्धति का पालन करते हैं। यह डाटा 2016 की तीसरी और चौथी तिमाही के आधार पर दिए गए हैं। किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले कंपनी कई कारकों पर ध्यान देती है जैसे डुअल सिम डिवाइस, नेटवर्क टेक्नोलॉजी, डिवाइस आदि। हमने डुअल सिम को ध्यान में रखते हुए यह सर्टिफिकेट दिया है। तथ्यों के आधार पर एयरटेल देश का सबसे फास्टेस्ट नेटवर्क है”। वहीं, अभी तक इस मामले को लेकर एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया यानि ASCI की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रिलायंस जियो ने ASCI को एक पत्र भेजा था, जिसमें एयरटेल के विज्ञापन को पूरी तरह झूठा और गुमराह करने वाला बताया था। जियो ने कहा था कि एयरटेल ने स्पीड टेस्ट कराने वाली कंपनी Ookla के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा किया है। जियो ने काउंसिल को बताया है कि इस संबंध में उसने Ookla को कानूनी नोटिस भेजा है। मुकेश की टेलीकॉम कंपनी का कहना है कि एयरटेल के मोबाइल इंटरनेट स्पीड को आंकने के लिए अख्तियार किया गया तरीका पूरी तरह गलत है। इसे टेस्टिंग कंपनी ने भी स्वीकार किया है। यह जरूरी नहीं है कि ओकला ने एयरटेल के नेटवर्क पर इंटरनेट की जो स्पीड बताई है, वह उसी के नेटवर्क की हो।

