विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऑनलाइन पेमेंट पर आरबीआई ने बदले नियम, 2000 रुपये तक नहीं देनी होंगी कार्ड डिटेल्स और ओटीपी

By MMI TeamEdited By:
Updated: Wed, 07 Dec 2016 02:15 PM (IST)

भारतीय रिजर्व बैंक यानि आरबीआई ने ऑनलाइन भुगतान के नियमों में बदलाव किया है

News Article Hero Image

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक यानि आरबीआई ने ऑनलाइन भुगतान के नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत उपभोक्ताओं को 2000 रुपये तक के ऑनलाइन लेन-देन में अब बार-बार कार्ड का ब्यौरा देने की जरूरत नहीं होगी। चलिए आपको बता दें कि आरबीआई ने इस मामले में क्या कहा है।

क्या है आरबीआई के नए नियम?

2000 रुपये तक के ऑनलाइन सीएनपी (कार्ड नहीं देने पर) लेन-देन के लिये सत्यापन के अतिरिक्त कारक (एएफए) में ढील देते हुए रिजर्व बैंक ने कहा कि केवल अधिकृत कार्ड नेटवर्क ही इस प्रकार का भुगतान सत्यापन समाधान उपलब्ध कराएंगे।

बैंक कैसे करेगा मदद?

1. एटीएम कार्ड जारी करने वाला बैंक अपने ग्राहकों के लिये विकल्प की सुविधा देगा। जिसके तहत संबंधित कार्ड नेटवर्क के भुगतान सत्यापन समाधान की पेशकश की जाएगी।

2. कार्ड नेटवर्क के पेमेंट वेरीफिकेशन सॉल्यूशन की भी पेशकश की जाएगी।

3. अगर ग्राहक इस सुविधा का विकल्प चुनते हैं तो आपको एक बार रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

4. रजिस्ट्रेशन के बार रजिस्टर्ड ग्राहकों को हर भुगतान पर कार्ड का ब्यौर देने की जरूरत नहीं होगी। इससे ग्राहकों के समय की बचत होगी।

5. जब ग्राहक ओला, उबर, मेरू आदि कैब सर्विस कंपनियों को पेमेंट करते हैं तो उससे पहले उनके पास ओटीपी आता है। इसके लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में अगर आप रजिस्टर्ड ग्राहक हैं तो आपको ओटीपी की कोई जरुरत नहीं होगी। सिर्फ कार्ड का पासवर्ड डालने से ही पेमेंट हो जाएगा।