यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kaspersky लैब ने दुनियाभर में लॉन्च किया फ्री एंटीवायरस सॉफ्टवेयर
Kaspersky Lab ने एक फ्री एंटीवायरस लॉन्च किया है। इसे बेसिक जरुरतों के लिए बनाया गया है ...और पढ़ें

नई दिल्ली (जेएनएन)। रूस की मल्टीनेशनल साइबर सिक्योरिटी और एंटी-वायरस कंपनी Kaspersky Lab ने अपने एंटीवायरस सॉफ्टेवयर का नया वर्जन दुनियाभर में रोलआउट कर दिया है। कंपनी के फाउंडर Eugene Kaspersky ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि इसे अमेरिका, कनाडा और एशिया पैसिफिक के कुछ देशों में फ्री में उपलब्ध करा दिया गया है। वहीं, बाकि के देशों या क्षेत्रों में इसे आने वाले महीनों में लॉन्च कर दिया जाएगा।
ब्लॉग पोस्ट में यह भी लिखा कि यह फ्री वर्जन कंपनी के एंटीवायरस सॉफ्टेवयर के पेड वर्जन को रिप्लेस नहीं करेगा। यह केवल इमेल, वेब एंटीवायरस प्रोटेक्शन और ऑटोमैटिक अपडेट्स जैसी बेसिक जरुरतों के लिए बनाया गया है। कंपनी नए सॉफ्टेवयर को 18 महीने के लिए फ्री दे रही है। यह एक डेवलपमेंट फेज है जो पायलट वर्जन पर चल रहा है। इसमें रूस, यूक्रेन, चीन और स्कैंडिनेवियन जैसे मार्किट्स शामिल हैं।
अमेरिका और रूस के संबंध काफी वर्षों से खराब चले आ रहे हैं जिससे रुस की चिंता ज्यादा बढ़ गई है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने रूस पर 2016 के यूएस राष्ट्रपति चुनाव को हैक करने का आरोप लगाया था। हालांकि, मॉस्को ने इस आरोप को सिरे से इनकार कर दिया था। साथ ही Kaspersky ने भी इस बात को हमेशा इनकार किया है और कहा है कि उसके किसी भी सरकार के साथ खराब संबंध नहीं हैं।
पिछले महीने एफबीआई के एजेंट्स Kaspersky के कर्मचारियों के घर जांच और पूछताछ के लिए गए थे। वहीं, ट्रंप ने टेक्नोलॉजी प्रोडक्टस को बेचने वाली जिन कंपनियों को मंजूरी दी गई थी, उस लिस्ट से Kaspersky को हटा दिया था। साथ ही कांग्रेस के एक बिल में डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस को Kaspersky के प्रोडक्टस को इस्तेमाल करने से मना किया गया है। Kaspersky Lab को 1997 में शुरु किया गया था। वर्ष 2000 में यह तेजी से बढ़ने वाली दुनिया की सबसे बड़ी एंटीवायरस सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक थी।