यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ओला शेयर और UberPOOL का इस्तेमाल करने वालों के लिए बुरी खबर, दिल्ली में हो सकता है बैन
दिल्ली सरकार ने ओला शेयर और उबरपूल को गैरकानूनी बताया है ...और पढ़ें

नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली में कैब सर्विस का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए एक बुरी खबर है। कैब एग्रीगेटर ओला और उबर जैसी एप बेस्ड टैक्सी सर्विस में राइड शेयरिंग ऑप्शन को बैन किए जाने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार ने सिटी टैक्सी स्कीम 2017 का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस ड्राफ्ट में कहा गया है कि कानून कैब सर्विस में राइड शेयरिंग की इजाजत नहीं देती है। ऐसे में इसे बैन किया जाना अनिवार्य है।
दिल्ली सरकार की मानें तो कैब शेयरिंग का ऑप्शन यूजर्स को कम खर्च में यात्रा करने का मौका देता है। वर्तमान टैक्सी कानून पर गौर किया जाए तो कैब चालक एक स्थान से यात्री को लेकर उसके गंतव्य तक पहुंचाते हैं। साथ ही इस बात की कानून में कोई जगह नहीं है जिसमें कैब चालक अलग-अलग सवारी को अलग-अलग जगह से लेकर उन्हें दूसरी जगहों पर पहुंचाते हैं। एक सरकारी ऑफिसर का कहना है, “हम एप आधारित कैब सेवाओं के ऑपरेशन को नियंत्रित करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, स्कीम के कुछ फीचर्स को अभी भी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। लेकिन कैब शेयरिंग को निश्चित रूप से गैरकानूनी होने की वजह से अनुमित नहीं मिलेगी”।
माना जा रहा है कि इस ड्राफ्ट को जल्द ही अमली जामा पहना दिया जाएगा। क्योंकि दिल्ली सरकार इस नियम के बिल्कुल खिलाफ है। दिल्ली सरकार की मानें तो कैब अलग-अलग यात्रियों को अलग अलग जगहों पर पिक या ड्रॉप नहीं कर सकतीं है। ये इजाजत केवल पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बस या ऑटो आदि को दी जा सकती है।
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