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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मोबाइल में होती हैं 100 से ज्यादा जहरीली गैसें, ऐसे बच सकते हैं आप

    By Shilpa SrivastavaEdited By:
    Updated: Tue, 08 Aug 2017 06:37 PM (IST)

    स्मार्टफोन में लगी लिथियम आयन बैटरी कितनी खतरनाक हो सकती हैं यह हम आपको इस पोस्ट में बताने जा रहे हैं ...और पढ़ें

    मोबाइल में होती हैं 100 से ज्यादा जहरीली गैसें, ऐसे बच सकते हैं आप
    मोबाइल में होती हैं 100 से ज्यादा जहरीली गैसें, ऐसे बच सकते हैं आप

    नई दिल्ली (जेएनएन)। स्मार्टफोन का इस्तेमाल आज तेजी से बढ़ रहा है। जहां एक तरफ तकनीक हमारी जिंदगी का हिस्सा बनती जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ इससे जुड़े खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि इलेक्टॉनिक आइटम्स में इस्तेमाल होने वाली लिथियम आयन बैटरी हमारी सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है? अगर आप ज्यादा देर तक इससे लैस डिवाइसेस को चार्ज करते हैं, तो इनमें गैस का उत्सर्जन बढ़ जाता है। आपको बता दें कि कोबाल्ट ऑक्साइड से बनी लीथियम बैटरी में एनर्जी डेन्सिटी ज्यादा होती है। चीन की सिंघुआ यूनिवर्सिटी और अमेरिका के इंस्टीट्यूट ऑफ एनबीसी डिफेंस के शोधकर्ताओं ने एक ताजा अध्ययन में बताया है कि एक स्मार्टफोन की बैटरी से कार्बन मोनोऑक्साइड समेत 100 से ज्यादा गैस निकलती हैं। अध्ययन के मुताबिक, फोन का ज्यादा गर्म होना और लोकल चार्जर से फोन को चार्ज करना खतरनाक हो सकता है।

    20000 बैटरियों पर किया गया रिसर्च:

    अध्ययन के दौरान करीब 20000 लीथियम बैटरी को टेस्ट किया गया है। इस दौरान यह पाया गया है कि अगर यह किसी बंद जगह पर हों और इनमें से लगातार कार्बन मोनॉक्साइड जैसे गैस निकलती रहे तो यह आपके लिए घातक साबित हो सकता है। साथ ही इन्हें ओवरचार्ज करने पर यह फट भी सकती हैं। प्रमुख शोधकर्ता और इंस्टीट्यूट ऑफ एनबीसी डिफेंस की प्रोफेसर जी सन के मुताबिक, “आजकल दुनियाभर के कई देशों की सरकारें इलेक्ट्रानिक वाहनों से लेकर मोबाइल उपकरणों के लिए लीथियम-आयन बैटरियों को बढ़ावा दे रही हैं। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि आम लोगों को ऊर्जा के इस स्त्रोत के पीछे के खतरे के प्रति सचेत किया जाए।”

    लीथियम बैटरियों पर लगे रोक:

    शोधकर्ताओं ने इन बैटरियों को प्रयोग न करने का सुझाव दिया है। आज कई देशों में मोबाइल फोन से लेकर इलेक्ट्रिक कार में भी इन बैटरियों का इस्तेमाल हो रहा है। आमतौर पर लीथियम बैटरी उपयोग में भी ज्यादा आती है। डॉ. सन के मुताबिक, “यह चिन्ता का विषय है कि लिथियम आयन बैटरी से खतरनाक गैस के रिसाव और उसके उद्गम के बारे में अभी तक ठोस अध्ययन नहीं हुआ है।”

    कैसे बचें?

    • अगर फोन की बैटरी गर्म हो जाए तो इसे इस्तेमाल न करें।
    • कभी-भी फोन की बैटरी को फुल चार्ज न करें।
    • सोते समय मोबाइल को चार्जिंग से हटा दें।
    • कभी-कभी बैटरी को बार-बार चार्ज न करें।
    • फोन के ओरिजनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें।
    • USB या डाटा बैंक से मोबाइल चार्ज करने से बचें। 

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