यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पहले से उम्मीद थी कि राजनीतिक होगा बजट, इसमें नई सोच नहीं: पी.चिदंबरम
मोदी सरकार की तरफ से संसद में पेश किए गए केन्द्रीय बजट के बाद जहां सरकार ने इस आर्थिक सुधार में अहम कदम बताया है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने कहां कि ...और पढ़ें

नई दिल्ली। मोदी सरकार की तरफ से संसद में पेश किए गए केन्द्रीय बजट के बाद जहां सरकार ने इस आर्थिक सुधार में अहम कदम बताया है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने कहां कि इस बजट के अंदर कई कमियां है।
कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी.चिंदबरम ने कहा कि इस बजट के अंदर कोई नई सोच नहीं है। लेकिन, इस बात की खुशी है कि यूपीए सरकार की कृषि को लेकर जो योजनाएं थी उन्हें आगे जारी रखा गया है। हालांकि, इसमें भी सबसे बड़ी समस्या कीमत की है। ऐसे कोई भी कदम नहीं उठाए गए हैं ताकि महत्वपूर्ण फसलों की पैदावार को बढ़ाया जा सके।
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पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि कई बार ऐसा हुआ कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में बहुत कम बढ़ाया गया और कुछ मामलों में ये बिल्कुल शून्य रहा। उन्होंने कहा कि कृषि में सबसे महत्वपूर्ण बात कीमत की होती है और मैं ऐसे सोचता हूं कि पिछली बार किसानों के साथ ठगी की गई।
चिदंबरम ने कहा कि सरकार लगातार ये बात कह रही है कि उन्होंने पहले की तुलना में अब तक का सबसे ज्यादा टैक्स जमा किया है। लेकिन, ये सिर्फ कच्चे तेल पर लगाए गए एक्साइज ड्यूटी के चलते हुए हुआ है ना कि कॉर्पोरेट टैक्स की वजह से।