यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एलटीसी के साथ राज्यकर्मियों को ईएल!

इलाहाबाद : राज्य कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें हर वर्ष उपार्जित अवकाश (ईएल) का लाभ भले नहीं मिलेगा लेकिन जिस साल अवकाश यात्रा सुविधा (एलटीसी) मिलेगी, उस वर्ष उन्हें कम से कम 10 दिन का उपार्जित अवकाश जरूर मिलेगा। इसके लिए रिजवी कमेटी की ओर से शासन को संस्तुति भेजी गई है।
राज्य कर्मियों को प्रत्येक वर्ष 30 दिन और राजपत्रित अधिकारियों को 15 दिन ईएल मिलने का प्रावधान था। लेकिन भाजपा की कल्याण सिंह सरकार ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया। अब छठे वेतन आयोग के लिए गठित रिजवी कमेटी ने कर्मचारियों और राजपत्रित अधिकारियों को ईएल की सुविधा फिर से मुहैया कराने के लिए अपनी ओर से पुरजोर कोशिश की है। कमेटी ने यह लाभ उसी वर्ष और उन्हीं अधिकारियों व कर्मचारियों को देने की सिफारिश शासन से की है, जिस वर्ष कर्मचारी एवं अधिकारी को एलटीसी की सुविधा मिलेगी। कमेटी की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में 10 दिन के उपार्जित अवकाश का भुगतान करने की बात कही गई है। उल्लेखनीय है कि एलटीसी में तीन हजार किमी. तक ट्रेन का किराया ही अधिकारियों, कर्मचारियों को मिलता है। ईएल मिलने पर यात्रा संबंधी उनके अन्य खर्च भी निकल आएंगे।
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ईएल खत्म होने से नुकसान
ईएल की सुविधा खत्म होने से सरकार और कर्मचारी दोनों का ही नुकसान है। पूरे सेवाकाल में तीन सौ से ज्यादा ईएल का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल सकता है, सो ज्यादातर कर्मचारी जून और दिसंबर के महीने में छुट्टी ले लेते हैं। ज्यादातर कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने से इन दोनों महीनों में उत्पन्न काम का दबाव साल भर रहता है। इससे सरकारी कामकाज समय से नहीं हो पाता है। बता दें कि ईएल की सुविधा मिलने पर कर्मचारी बची छुट्टियों में भी काम करते थे।
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सरकार अलग से ईएल नहीं देती है। कर्मचारी के छुट्टी नहीं लेने के बदले में ही ईएल मिलती थी। रिजवी कमेटी की रिपोर्ट पर शासन की मुहर लगने पर कर्मचारियों को सहूलियत होगी।
-एचपी श्रीवास्तव, पूर्व जिलाध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद।
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