Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गंगाजल के लिए संतों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दी अनशन की चेतावनी

    By Nawal MishraEdited By:
    Updated: Wed, 28 Dec 2016 10:55 PM (IST)

    संतों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भेजकर गंगाजल के शुद्धिकरण की मांग की है। चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर वह अनशन पर बैठ जाएंगे। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    इलाहाबाद (जेएनएन)। माघ मेला से ऐन पहले गंगाजल के काला-लाल होने का मामला मुख्यमंत्री दरबार पहुंच गया है। संतों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व कैबिनेट मंत्री आजम खां को पत्र भेजकर गंगाजल के शुद्धिकरण की मांग की है। चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर वह अनशन पर बैठ जाएंगे। स्वच्छ वसुंधरा सोसायटी ने भी प्रमुख सचिव नगर विकास से जांच की मांग की है।

    सपा घमासान में जया बच्चन की सांकेतिक एंट्री, 'बुडढ़े कहां देख पाते सपने'

    माघ मेले से ठीक पहले गंगाजल के रंग ने संत महात्माओं का पारा चढ़ा दिया है। सोमवार को मनकामेश्वर मंदिर के प्रभारी ब्रहृमचारी श्रीधरानंद महराज के नेतृत्व में संतों व बुद्धिजीवियों ने संगम पर प्रदर्शन किया था। मंगलवार को टीकरमाफी आश्रम झूंसी में संतों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि अगर गंगा की अविरल धारा नहीं मिली तो संत महात्मा माघ मेले का बहिष्कार कर अनशन पर बैठ जाएंगे।

    बांदा में बसपा के भाईचारा सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष की ओर उछाला जूता

    आश्रम के महंत स्वामी हरिचैतन्य ब्रहृमचारी ने बताया कि मुख्यमंत्री और आजम खां को फैक्स के माध्यम से पत्र भेजा गया है। अगर मेले से पहले गंगाजल साफ नहीं हुआ तो फिर आंदोलन तय है। स्वच्छ वसुंधरा सोसायटी के सचिव विवेक अग्रवाल ने उच्चाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा है कि करोड़ों खर्च होने के बाद भी माघ मेले में शुद्ध गंगाजल सुलभ कराना टेढ़ी खीर साबित होता है। उन्होंने कहा है कि ऐसा क्यों होता है, संबंधितों से इसका जवाब मांगा जाना चाहिए।

    ऑनर किलिंग: युगल को पेड़ से बांधकर पीटा फिर गोली मारी और गले रेते

    खबरें और भी