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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मिस्डकॉल ने पहुंचाया मुंबई, फेसबुक ने वापस घर गाजीपुर

By Dharmendra PandeyEdited By:
Updated: Fri, 15 Jul 2016 05:01 PM (IST)

गरीब मुस्लिम परिवार की युवती का संपर्क मोबाइल फोन पर अनजान मिस्डकॉल से मीरजापुर जिले के सलीम उर्फ रामू नामक युवक से हुआ। झूठ पकड़े जाने पर युवती ने भी अपनी गलती मानी और रो पड़ी।

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बाराबंकी (जेएनएन)। संचार के दो माध्यम से गाजीपुर की एक लड़की के जीवन में दोहरी भूमिका अदा की। एक से मुंबई पहुंचा दिया तो दूसरे के माध्यम से वह वापस अपने घर पहुंच गई।

गाजीपुर के कासमाबाद के कस्बा गंगौली के एक गरीब मुस्लिम परिवार की युवती का संपर्क मोबाइल फोन पर अनजान मिस्डकॉल से मीरजापुर जिले के सलीम उर्फ रामू नामक युवक से हुआ। बातों का सिलसिला प्यार में बदल गया तो रामू उसे घर पर बताए बिना गाजीपुर से मुंबई ले गया। इसके बाद सलीम अपने काम में व्यस्त रहने लगा।

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इसी बीच मुंबई में युवती का फेसबुक के जरिए सऊदी अरब में रहने वाले जिले के कस्बा फतेहपुर निवासी फिरोज से संपर्क हुआ तो विदेश जाने की चाहत में उसने सलीम से बेवफाई की और फिरोज के पास जाने को बाराबंकी आ गई।पुलिस ने बताया कि फिरोज से मिलने के लिए वह छह जुलाई को मुंबई से चली। फतेहपुर पहुंचकर उसे मालूम हुआ कि फिरोज सऊदी से लौटा ही नहीं और वह विवाहित भी है।

यह सुनकर युवती के होश उड़ गए और वह फतेहपुर से वापस लौट आई। मुंबई जा नहीं सकती थी घर जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी।

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ऐसे में हताश-निराश बस स्टेशन पर बैठी थी जहां से उसे महिला थाने तक दो लोगों ने पहुंचा दिया। युवती से जब उसका नाम व पिता का नाम पूछा गया तो पहले अपना व अपने पिता का नाम गलत बताया मगर कस्बे का नाम सही बताया। पुलिस ने पता लगाया कि गंगौली कस्बे में किसकी पुत्री मार्च से गायब है। इस आधार पर पिता का पता चल गया। झूठ पकड़े जाने पर युवती ने भी अपनी गलती मानी और रो पड़ी। कल पिता महिला थाने आया और पुत्री को अपने साथ ले गया। पिता महिला थाने में फफककर रो पड़ा। उसने कहा कि गरीब के पास इज्जत ही होती है। बेटी की नादानी से इज्जत की धज्जियां उड़ गई।