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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ताइवान में सूक्ष्म जीवों पर रिसर्च कर रहे बरेली के राकेश

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Updated: Fri, 08 Jan 2016 10:28 PM (IST)

सूक्ष्म जीवों से मानव व पशु-पक्षियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है बरेली: नग्न आंखों से दिख

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सूक्ष्म जीवों से मानव व पशु-पक्षियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है

बरेली: नग्न आंखों से दिखाई न देने वाले सजीव यानी मेटाजीनोमिक्स पौधों की सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं। ये जड़ में रहकर पौधे को नुकसान पहुंचाते हैं। खासकर मेटाजीनोमिक्स जैव ईंधन बनाने में प्रयोग होने वाले मिस्कैन्थस नामक पौधे की जड़ में पाया जाता है। शहर के बन्नूलाल नगर निवासी राकेश सरकार ताइवान के नेशनल चेंग कुंग विश्वविद्यालय में मेटाजीनोमिक्स की गुत्थी सुलझाने में लगे हैं। सेवानिवृत्त मंडी सचिव गोपाल चंद्र सरकारर के बेटे राकेश ने वर्ष 2003 में बरेली कालेज से बीएससी से की और 2006 में बायोटेक्नोलॉजी से मास्टर्स डिग्री ली। इसके बाद एम्स में सीनियर रिसर्च फेलो रहे। इसके बाद ताइवान विश्वविद्यालय में जीव विज्ञान से रिसर्च कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेटाजीनोमिक्स न केवल मानव विकास बल्कि पौधों और पशुओं के विकास तथा रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं।