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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अफसरों को धमकाने वाला 'नटवरलाल' दबोचा

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Updated: Wed, 01 Jan 2014 10:58 PM (IST)

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बिजनौर : क्राइम ब्रांच की टीम ने स्पूफिंग के जरिए सूबे के सीएम व डीजीपी समेत अन्य विभागों के आला अफसरों के सीयूजी नंबरों से अफसरों को धमकाने वाले नटवरलाल एक अधिवक्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिवक्ता को एक व्यापारी से 50 हजार रुपये की रंगदारी वसूलते हुए दबोचा। इसके अलावा आरोपी ने एक शिक्षक नेता से भी दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।

बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी राजेश कृष्ण ने बताया कि नगर में रेलवे स्टेशन के निकट दुर्गा विहार निवासी व्यापारी सौरभ माथुर पुत्र चंद्रमोहन माथुर से एक बदमाश ने मोबाइल पर कॉल कर 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी। व्यापारी की शिकायत पर क्राइम ब्रांच के दरोगा संजय त्यागी, संजय तोमर व नरेश त्यागी समेत एक टीम को आरोपी की धरपकड़ को लगाया गया। इस पर मंगलवार देर शाम बदमाश के बताए स्थान गन्ना समिति के कार्यालय में रखे ड्रम पर रकम व्यापारी द्वारा पहुंचा दी गई। जब बदमाश रकम को लेने आया, तो उसे दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपी की पहचान मोहल्ला एसडीएमपुरम निवासी मुनिराज चौहान एडवोकेट पुत्र धर्मेन्द्र सिंह के रूप में हुई। तलाशी में उसके पास से मोबाइल व एक डायरी मिली, जिसमें सीएम, डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह समेत अन्य विभागों के आला अफसरों के मोबाइल नंबर थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने मोबाइल पर स्पूफिंग के जरिए सीएम, डीजीपी व अन्य अफसरों के सीयूजी नंबरों से जिले के अफसरों को धमकाया था। एसपी ने बताया कि उन्हें भी आरोपी सीएम व डीजीपी के नंबरों से कॉल कर कई जांच को प्रभावित करने को कह चुका है। इसके अलावा आरोपी शिक्षक नेता सआदत हुसैन से भी दो लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था।

ये है स्पूफिंग

स्पूफिंग में इंटरनेट से एक वेबसाइट को मोबाइल पर डाउनलोड कर लिया जाता है। इस वेबसाइट के जरिए अपने मोबाइल नंबर पर किसी दूसरे के मोबाइल नंबर को सेव कर लिया जाता है। अपने मोबाइल नंबर से जिस नंबर को आप कॉल करेंगे, उसे जिस नंबर को सेव किया गया है, उसका नंबर दिखाई देता है। इसी कारण सीएम व डीजीपी व अन्य अफसरों के सीयूजी नंबर को देखते ही जिले के अफसर आरोपी के झांसे में आ जाते थे।

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