विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इटावा में पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे शिवपाल यादव

By amal chowdhuryEdited By:
Updated: Wed, 03 May 2017 08:26 AM (IST)

आरोप है कि वैदपुरा थाना पुलिस ने शिवपाल के एक समर्थक के साथ तीन बार मारपीट पर भी कार्रवाई नहीं की, इसी वजह से शिवपाल यादव ने धरना दिया।

इटावा में पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे शिवपाल यादव
इटावा में पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे शिवपाल यादव

इटावा (जेएनएन)। पुलिस पर समर्थक के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव मंगलवार को वैदपुरा थाने में धरने पर बैठ गए। आरोप है कि वैदपुरा थाना पुलिस ने शिवपाल के एक समर्थक के साथ तीन बार मारपीट पर भी कार्रवाई नहीं की। उल्टा पीड़ित को ही थाने में बैठा लिया गया।

शिवपाल के धरने की जानकारी पर सैकड़ों समर्थक भी पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। एसएसपी ने पहुंचकर मामले की जांच सीओ सैफई को सौंपी। इस पर रात 11 बजे शिवपाल ने 2 दिन की चेतावनी देते हुए धरना खत्म किया।

सपा समर्थक व एक स्कूल बस ड्राइवर सुधीर कुमार का भाई लेखपाल हो गया है। आरोप है कि इससे गांव के कुछ लोग रंजिश मानने लगे। गांव के संजू, राम विलास व राजू आए दिन गालीगलौज करने लगे। 30 अप्रैल को इन लोगों ने सुधीर के साथ मारपीट की। इसकी शिकायत उसने पुलिस से की पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायत करके लौटते समय उसी दिन नगला बरी के पास उसके साथ फिर से मारपीट की गई। मंगलवार को वह एक शादी से लौट रहा था तो उसको फिर से घेरकर मारपीट की। सुधीर थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसी को थाने में बैठा लिया।

यह भी पढ़ें: सीमा पर शहादत को देखते पाकिस्तान से विदेशी नीति समीक्षा जरूरीः मायावती

इसकी जानकारी शिवपाल सिंह यादव को हुई तो वह रात आठ बजे वैदपुरा थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। सीओ सैफई श्याम सुंदर ग्रोवर व एएसपी रामकिशन यादव पहुंचे और समझाने की कोशिश की पर शिवपाल नहीं माने। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ ही एसआई वीरेंद्र सिंह व थानाध्यक्ष सत्येंद्र यादव को सस्पेंड करने की मांग रखी।

उधर, शिवपाल के धरने पर बैठने की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में समर्थक पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस व सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की गई। शिवपाल के तेवर उग्र होने की जानकारी पर एसएसपी शिव हरि मीना भी पहुंचे और उन्हें समझाया। एसएसपी ने जांच में दोषी मिलने पर पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिवपाल ने प्रशासन को 2 दिन की सख्त चेतावनी देकर रात 11 बजे धरना खत्म किया।

यह भी पढ़ें: समाजवादी पार्टी ने सैनिकों की शहादत पर मोदी सरकार से जवाब मांगा