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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुलायम के घर इटावा में दो सपा दो फाड़ दिखी, जबरदस्त हंगामा

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 06 Jan 2017 08:33 PM (IST)Updated: Fri, 06 Jan 2017 09:25 PM (IST)

सपा मुखिया मुलायम सिंह के गृहनगर इटावा में सपा दो फाड़ है। यहां एक सीट के दो-दो दावेदर हैं।फतेहपुर में ...और पढ़ें

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लखनऊ (जेएनएन)। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के गृहनगर इटावा में सपा दो फाड़ है। यहां एक सीट के दो-दो दावेदर हैं। इटावा की तरह फतेहपुर में भी आज सपा के दो गुटों के चलते तनाव बढ़ा है। इटावा में सपा के जिलाध्यक्ष कार्यालय पर दावा ठोंकते दिखे। फतेहपुर में शिवपाल जिंदाबाद के नारों के बीच अखिलेश जिंदाबाद की नारेबाजी होने लगी। यही नहीं प्रदेश के कई अन्य दफ्तरों में भी यही माहोल रहा।

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पुलिस-पीएसी मौके पर डटी

सपा प्रमुख के जिले में दो सपा जिलाध्यक्ष हो जाने से हंगामा हो गया। दोनों अध्यक्षों ने स्वयं को सपा जिलाध्यक्ष होने का एलान किया। दोनों गुटों के समर्थकों की भीड़ एकत्रित होने से नारेबाजी का दौर दिन भर चला। अध्यक्ष कक्ष में भीड़ के दबाव से कुर्सियां टूट गईं। संवेदनशील हालात के मद्देनजर प्रशासनिक अधिकारी पुलिस-पीएसी बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। अखिलेश गुट के नवनियुक्त अध्यक्ष के समर्थकों सहित जाने पर करीब छह घंटे बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। सपा कार्यालय पर सरगर्मी तो बीते उस समय से बढ़ गई जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गुट के सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के नजदीकी गोपाल यादव को सपा जिलाध्यक्ष घोषित किया। सपा प्रमुख मुलायम और शिवपाल द्वारा मनोनीत सपा जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने गोपाल यादव को सपा जिलाध्यक्ष नहीं माना।

कुर्सियां पैरों तले रौंद कर ध्वस्त कीं

आज सुबह नौ बजे सुनील यादव अपने समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंच गए थे।आज गोपाल यादव समर्थकों सहित कार्यालय पर आए तो नारेबाजी का दौर शुरू हो गया। अध्यक्ष की कुर्सी सुनील यादव ने छोड़ी नहीं, इससे हंगामा होने लगा। भीड़ ने अध्यक्ष कक्ष में रखी अधिकतर कुर्सियां पैरों तले रौंद कर ध्वस्त कर दी। पूर्व महासचिव अजय भदौरिया ने बीच का रास्ता निकालते हुए गोपाल यादव को सुनील के बगल वाली कुर्सी पर आसीन कराकर पार्टी कार्यालय के रजिस्टर पर हस्ताक्षर करा दिए। दोनों के समर्थकों की भीड़ होने से माहौल संवेदनशील हो गया। प्रशासन ने इस स्थिति का अनुमान पूर्व से लगा रखा था। अपराह्न एक बजे गोपाल यादव अपने समर्थकों सहित वापस चले गए तब माहौल शांत हुआ इसके बावजूद अफसर करीब पौन घंटा बाद वहां से रवाना हुए।

फतेहपुर सपा कार्यालय में तनाव

फतेहपुर जिले के सपा कार्यालय का नजारा भी कुछ अलग रहा। कोई अखिलेश जिंदाबाद तो कोई शिवपाल जिंदाबाद के नारे लगा रहा था। दो जिलाध्यक्षों की पार्टी में समर्थक भी अलग-अलग बंटे नजर आए। हालांकि इस शक्ति प्रदर्शन में सीएम गुट भारी रहा। नरेश उत्तम द्वारा नामित जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे तो समर्थक अखिलेश जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। इसकी भनक जैसे ही शिवपाल यादव गुट के अध्यक्ष रामशरन को मिली वह भी समर्थकों के साथ पहुंच गए। गनीमत यह रही कि तब तक सुरेंद्र यादव कार्यालय छोड़ चुके थे। तनाव के माहौल में दोनों अध्यक्ष किसी तरह के विवाद से बचते रहे, लेकिन यह कहने से नहीं चूके कि असली अध्यक्ष मैं हूं। शिवपाल गुट के अध्यक्ष रामशरन ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने मुझे नियुक्त किया है और उन्हीं के निर्देश पर मैं काम कर रहा हूं।

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