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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बकरी के दूध से दूर होगा कुपोषण

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    Updated: Sat, 14 Mar 2015 08:55 PM (GMT+05:30)

    असोथर/फतेहपुर जागरण संवाददाता: दो आंगनबाड़ी केन्द्रों के 21 कुपोषित और आठ अति कुपोषित बच्चे अब बकरी क ...और पढ़ें

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    असोथर/फतेहपुर जागरण संवाददाता: दो आंगनबाड़ी केन्द्रों के 21 कुपोषित और आठ अति कुपोषित बच्चे अब बकरी का दूध पीकर पोषित होंगे। बच्चों को सेहत मंद बनाने के लिए शनिवार को सीडीओ भवानी सिंह ने दो महिला समूहों को बकरी पालन के लिए 15-15 हजार रुपए बकरी पालन के लिए दिए। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को गांव की नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    असोथर ब्लाक के जरौली गांव से कुपोषण को भगाने के लिए सीडीओ ने इस गांव को गोद लिया है। शनिवार को बाल स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर यहां जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें कुपोषित बच्चों की माताओं के दो समूह बनाकर उन्हें बकरी पालन का सुझाव दिया गया। सीडीओ ने कहा कि इससे न सिर्फ बच्चे पोषित होंगे। बल्कि बकरियों को बेंच कर इससे जुडे परिवार भी तरक्की करेंगे। इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. पवन बाजपेई बच्चों के नियमित टीकाकरण पर जोर दिया। इस दौरान पीडी आरके गौतम ने गर्भवती महिलाओं को पोषाहार भी बांटा। सीडीओ ने कहा कि बच्चों के शारीरिक विकास को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। इस मौके पर बीडीओ डीके सचान, सीडीपीओ कृष्ण कुमार, प्रधान सुखराज समेत अनेक लोग मौजूद रहे।