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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गजब.. एक बीईओ पर 795 स्कूलों का जिम्मा

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Updated: Wed, 22 Apr 2015 01:27 AM (IST)

संवाद सहयोगी, हाथरस : 'सब बढ़े, सब पढ़े' का नारा यूं ही नहीं दिया गया था। उसके पीछे एक मकसद और मिशन

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संवाद सहयोगी, हाथरस : 'सब बढ़े, सब पढ़े' का नारा यूं ही नहीं दिया गया था। उसके पीछे एक मकसद और मिशन था। मगर, जो तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं। उसे सुनकर आप भी हैरत में पड़ सकते हैं? एक खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पर 795 स्कूलों की जिम्मेदारी। गजब है न। अब ऐसी सूरत में क्या शिक्षा का स्तर फर्श से अर्श पर पहुंचेगा? सवाल का जवाब जरूर तलाश करिएगा?

ये थी व्यवस्था

एक ब्लॉक में करीब सौ से अधिक विद्यालय होते हैं। एक समय जिले के सातों ब्लॉकों में खंड शिक्षा अधिकारियों की तैनाती थी।

अब बिगड़ गई व्यवस्था

सिकंदराराऊ ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी रामहरी शर्मा सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सासनी ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी सतीश चंद शर्मा का तबादला अलीगढ़ जिले में हो चुका है। दो माह पहले हसायन ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी ललित मोहन पाल का तबादला एटा जिले में हो गया है। जिले में सिर्फ तीन खंड शिक्षा अधिकारी मुरसान, सहपऊ व हाथरस रह गए।

जिम्मेदारी का बोझ

तीन ब्लॉकों में खंड शिक्षा अधिकारी न होने पर बीएसए ने सहपऊ ब्लॉक के अखिलेश यादव को अतिरिक्त चार्ज दे दिया। इतना ही नही यदि नगर शिक्षा अधिकारी या बीएसए मुख्यालय से बाहर हों तो उनका चार्ज भी खंड शिक्षा अधिकारी को देखना पड़ता है।

उठाई थी आवाज

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने अपने पदाधिकारियों के संग करीब चार माह पूर्व शासन स्तर खंड शिक्षा अधिकारियों की तैनाती कराने के लिए बीएसए को पत्र दिया था। ताकि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण हो सके, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।