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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सर्राफा बाजार में 40 दिन के बाद लौटी रौनक

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Updated: Wed, 13 Apr 2016 07:32 PM (IST)

कन्नौज, जागरण संवाददाता : सराफा व्यापारियों ने प्रांतीय संगठन के आह्वान पर लगातार 40 दिनों से चली आ

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कन्नौज, जागरण संवाददाता : सराफा व्यापारियों ने प्रांतीय संगठन के आह्वान पर लगातार 40 दिनों से चली आ रही हड़ताल को समाप्त कर दिया। इससे सर्राफा बाजार में फिर से रौनक लौट आई। इससे लघु सराफा व्यापारियों समेत आम जनमानस ने राहत की सांस ली। हालांकि सराफा व्यापारियों की इतने दिनों की हड़ताल से जिले में करीब एक करोड़ का नुकसान हुआ है।

बुधवार को प्रांतीय संगठन के आह्वान पर जिले के सर्राफा व्यापारी हड़ताल पर लौट आए। इससे सरायमीरा, मकरंदनगर, सब्जी मंडी समेत कई सर्राफा दुकानें खुली दिखाई दी। 40 दिन बाद सराफा व्यापारियों के हड़ताल से वापस लौटने की जानकारी होते ही उपभोक्ता दुकान पर पहुंचने लगे। सर्राफा दुकानों पर ग्राहकों के आने से काफी दिनों से सूने पड़े बाजारों में फिर से रौनक लौट आई। सराफा व्यापारियों की हड़ताल समाप्त होने से लघु सर्राफा व्यापारियों समेत ग्राहकों ने राहत की सांस ली। अप्रैल में शादी का शुभ मुहुर्त होने से व्यापारी व ग्राहक परेशान थे। सराफा व्यापारियों की हड़ताल से वह सोने व चांदी के उपकरण नहीं बनवा पा रहे थे। सर्राफा एसोसिएशन के संरक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा उर्फ ललइया ने कहा कि प्रांतीय संगठन के आह्वान पर हड़ताल को वापस ले लिया गया है। 27 अप्रैल तक मांगें पूरी न होने पर व्यापारी फिर से हड़ताल शुरू करेंगे। हड़ताल की वजह से ग्राहक द्वारा दिए गए आर्डर को पूरा न करने पर झगड़ा होता था। उन्होंने बताया कि हड़ताल से जिले में करीब एक करोड़ का नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई होना मुश्किल है।