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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी चुनाव में पहली बार प्रयोग होगा ई-पोस्टल बैलट

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Thu, 22 Dec 2016 10:30 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 22 Dec 2016 12:51 PM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश के चुनाव में पहली बार ई-पोस्टल बैलट का उपयोग किया जाएगा। एयरफोर्स, सीआरपीएफ, आरएएफ, आर्मी, बीएसएफ व आइटीबीपी के अफसरों और जवानों को ई-पोस्टल बैलट भेजे जाएंगे।

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कानपुर (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के 2017 के विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग बेहद गंभीर है। केंद्रीय निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव ने तीन दिन के दौरे में उत्तर प्रदेश के अहम मंडलों में बैठक में तैयारियों को परखा है।

विधानसभा चुनाव में ङ्क्षहसा न हो और भयमुक्त मतदान को लेकर कवायद की जा रही है। उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव ने विकास भवन में झांसी और कानपुर मंडल की चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। इनका दावा है अब विधानसभा चुनाव धन और बाहुबल का इस्तेमाल नहीं होने देंगे। केंद्रीय सुरक्षा बल की व्यापक पैमाने पर तैनाती होगी। बूथों पर माइक्रो आब्जर्वर तैनात होंगे। अतिसंवेदनशील, संवेदनशील श्रेणी के बूथों पर सीसीटीवी कैमरे, वीडियो कैमरे लगेंगे।

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केंद्रीय निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव ने कल विकास भवन में पत्रकारों से वार्ता भी की। उन्होंने कहा कि आपराधिक किस्म के लोगों की पहचान की जा रही है। दबंग और आपराधिक किस्म के लोगों को पाबंद किया जाएगा। उन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। ज्यादा से ज्यादा यूथ, महिलाएं मतदान करें, इस पर आयोग का विशेष जोर है। दिव्यांगों को बूथों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे मतदान केंद्र तक पहुंच कर मतदान कर सकें। विजय देव ने कहा कि दूर-दराज के गांवों में विशेष सुरक्षा के प्रबंध किए जाएंगे। खास तौर पर वहां अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। केंद्रीय कर्मचारी माइक्रो आब्जर्वर के रूप में तैनात होंगे। उनकी जवाबदेही निर्वाचन आयोग के प्रति होगी। वे सीधे आयोग के संपर्क में होंगे। चुनाव में चाहे कितना भी बड़ा बाहुबली हो, उसे मनमानी नहीं करने दिया जाएगा।

तस्वीरों में देखें-सत्र के दौरान विधानसभा के अंदर-बाहर हंगामा

उन्होंने कहा कि भयमुक्त वातावरण के साथ बूथों पर सुविधाएं बढ़ाई जाएं। साथ ही मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरुक करने के लिए कार्यक्रम किए जाएं। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता का पालन सख्ती से कराया जाए। प्रत्याशी और राजनीतिक दलों की प्रचार सामग्रियों को हटाने का आदेश भी दिया। अपराधिक और बाहुबली लोगों को पाबंद करने पर विशेष कार्य किया जाए। मतदान केंद्रों तक जाने वाले रास्ते ठीक कराए जाएं ताकि वहां जाने में परेशानी न हो। मतदान केंद्र पर शौचालय, रैंप, पीने के पानी, फर्नीचर की व्यवस्था होनी चाहिए। निष्पक्ष चुनाव के लिए बिना किसी भेदभाव के अफसरों को काम करना होगा। उप्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी वेंकटेश, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीके पांडेय, मंडलायुक्त मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन, झांसी के मंडलायुक्त के राम मोहन राव, एडीएजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी, आइजी जोन जकी अहमद, डीआइजी राजेश डी मोदक, डीएम कौशल राज शर्मा, एसएसपी आकाश कुलहरि आदि मौजूद रहे।

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जेलों पर रखें कड़ी नजर

उप निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि डीएम व एसएसपी जेलों पर विशेष नजर रखेंगे। जेल से जो लोग नेटवर्क चलाते हैं उन पर कार्रवाई जरूरी है। औचक निरीक्षण किए जाएं ताकि जेल से चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश न हो। जेलों में बंदियों के पास मोबाइल, सिम तो नहीं हैं इसकी जांच लगातार की जाए। जेल में किसी के पास मोबाइल मिले तो उसके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया जाए। संदेह होने पर जेल में तैनात पुलिसकर्मियों के मोबाइल भी चेक किए जा सकते हैं। जेल में जैमर की व्यवस्था भी जांच लें, अगर गड़बड़ हो तो ठीक कराएं।

कर्मियों के लिए ई-पोस्टल बैलट

उत्तर प्रदेश के चुनाव में पहली बार ई-पोस्टल बैलट का उपयोग किया जाएगा। एयरफोर्स, सीआरपीएफ, आरएएफ, आर्मी, बीएसएफ व आइटीबीपी के अफसरों और जवानों को ई-पोस्टल बैलट भेजे जाएंगे। उप निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि संबंधित विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर उन्हें ई-पोस्टल बैलट के बारे में बताएं।

सीसीटीवी और वेब कैमरे मंगा लें

उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे, वेब कैमरे, वीडियो कैमरे पर्याप्त मात्र में उपलब्ध होने चाहिए। जिससे मतदान केंद्रों पर निगरानी बेहतर ढंग से हो सके। माइक्रो आब्जर्वर की तैनाती के लिए उनके नाम को अंतिम रूप दें। ज्यादा से ज्यादा बूथों पर वेब कैमरे लगाए जाएं।

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कानपुर के 170 केंद्रों में बिजली नहीं

समीक्षा के दौरान उप निर्वाचन आयुक्त ने पाया कि कानपुर के 3344 मतदान केंद्रों में 170 केंद्रों पर बिजली की सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि कनेक्शन तुरंत कराएं। उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव ने कल जरूरी दिशा निर्देश दिया है। उनका निर्देश है कि दबंग किस्म के लोग शांतिभंग की धारा में पाबंद किए जाएं। सभी ही दबंग व अपराधिक किस्म के लोगों के असलहा लाइसेंस निरस्त होंगे। जिला बदर अपराधी जिले की सीमा में प्रवेश न कर सकें। फरार चल रहे अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए। मतदाताओं को प्रलोभन देने वालों से सख्ती से निपटें। शत प्रतिशत मतदान के लिए जागरूकता रैली करें। मतदाता पहचान पत्र का शत प्रतिशत वितरण कराएं। उन्होंने कहा कि कनेक्शन तुरंत कराएं। 20 केंद्रों पर हैंडपंप की समस्या है तो नौ में शौचालय नहीं हैं। 71 केंद्रों पर फर्नीचर मानक के अनुरूप नहीं है। 82 केंद्र ऐसे हैं जहां शेड नहीं हैं, जबकि 11 केंद्रों पर रैंप बनाने की आवश्यकता है।

थाने का करेंगे निरीक्षण

उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव आज शहर के किसी एक थाने का औचक निरीक्षण करेंगे। वे देखेंगे कि कितने दबंग पंजीकृत किए गए हैं और कितनों को गुंडा एक्ट की नोटिस दी गई है।

कल आएंगे मुख्य निर्वाचन अधिकारी

उप्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी वेंकटेश कल शहर आएंगे। वे चुनाव तैयारियों की समीक्षा करेंगे। कुछ मतदान केंद्रों का निरीक्षण भी करेंगे।

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